भोग और विलास के कारक ग्रह शुक्र 12 मार्च को अपनी उच्च राशि मीन से निकलकर मंगल की राशि मेष में प्रवेश करेंगे। मंगल और शुक्र सदैव विपरीत आचरण करते हैं। एक तरफ मंगल युद्ध में सेना का जिम्मा संभालते हैं वहीं शुक्र स्त्री और भोग विलास का प्रतीक है। मेष राशि में शुक्र का स्वभाव थोड़ा उग्र हो जाता है और व्यक्ति खुलकर भोग विलास करने वाला बन जाता है। शुक्र के इस गोचर का इसलिए भी महत्व है क्योंकि मेष राशि में पहले से राहु विराजमान हैं ऐसे में भोग और काम की इच्छा में वृद्धि होगी। इस गोचर से 3 राशियों को सावधान रहना होगा। आइए समझते है कि वो 3 राशियां कौन कौन सी है।