Venus Ketu Yuti 2024: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों का विशेष महत्व माना गया है। इन ग्रहों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर हमेशा पड़ता है। वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, प्रेम, सौंदर्य, आकर्षण और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह माना गया है। शुक्र ग्रह किसी एक राशि में लगभग 28 दिनों तक रहते हैं फिर दूसरी राशि में गोचर करते हैं। वहीं दूसरी तरफ राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है। केतु 18 महीनों में राशि परिवर्तन करते हैं। ग्रह एक दूसरे राशि में गोचर करते समय अन्य ग्रहों के साथ युति भी करते हैं। इन युति का असर सभी राशियों के ऊपर पड़ता है। आपको बता दें अगस्त माह में कन्या राशि में शुक्र और केतु की युति होने वाली है। 25 अगस्त को शुक्र ग्रह 01 बजकर 24 मिनट पर कन्या राशि प्रवेश करेंगे जहां पर पहले से ही केतु महाराज विराजमान हैं। इस तरह से शुक्र-केतु की युति 18 सितंबर तक कन्या राशि में रहेगी। शुक्र-केतु की युति से कुछ राशि वालों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आइए जानते है कौन-कौन सी हैं ये राशियां।