वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, पिता, मान-सम्मान, नेतृत्वक्षमता और ऊर्जा का कारक माना जाता है। सूर्य हर माह राशि परिवर्तन करते हैं और सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति के नाम जाता है। जब-जब सूर्य का राशि परिवर्तन होता है तो इसका व्यापक असर नौकरी, व्यापार, सेहत, परिवार, सरकारी नौकरी , मान-सम्मान और आर्थिक मामलों पर अवश्य ही पड़ता है। ग्रहों के राजा सूर्य 17 सितंबर को सिंह राशि की यात्रा को विराम देते हुए कन्या राशि में गोचर करेंगे। सूर्य 18 अक्तूबर तक इस राशि में रहेंगे फिर तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करने से इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं।