सूर्य देव कर्क राशि की यात्रा समाप्त करके 16 अगस्त की मध्यरात्रि 1 बजकर 14 मिनट पर अपनी स्वयं की राशि सिंह में प्रवेश कर रहे हैं। आदिकाल में इनके पास सभी बारह राशियों का आधिपत्य किंतु, कालांतर में इन्होंने कर्क राशि चंद्रमा को और बाकी अन्य ग्रहों को दो-दो राशियां प्रदान करके अपने पास केवल सिंह राशि रखी। इस राशि में सूर्य अत्यधिक प्रभावशाली माने जाते हैं। मेष राशि इनकी उच्चराशि तथा तुला राशिनीच राशिगत संज्ञक मानी गई है किसी भी जातक की जन्मकुंडली में यदि सूर्य अत्यधिक बलवान हो तो वह जीवन के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचता है। कामयाबियां उसके कदम चूमती हैं। सूर्य कमजोर हों तो काफी संघर्ष के बाद ही सफलता का संयोग बनता है। इनके राशि परिवर्तन का अन्य सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।