वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का विशेष महत्व होता है। हिंदू धर्म में सूर्य को प्रत्यक्ष देवता के रूप में पूजा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य एक महीने के अंतराल में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। सूर्य यश, ऊर्जा और नेतृत्व के कारक ग्रह हैं। 15 जून को सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे, इससे पहले ये वृषभ राशि में थे। मिथुन राशि में सूर्य के गोचर करने से कई ग्रहों का संयोग भी बन रहा है। बुध और शुक्र पहले से ही मिथुन राशि में हैं और सूर्य के मिथुन राशि में आ जाने से इन तीन ग्रहों की युति बन रही है। मिथुन सूर्य की मित्र राशि भी मानी जाती है। इसके अलावा सूर्य के वृषभ राशि में रहते हुए राहु के साथ युति भी समाप्त हो जाएगी। सूर्य और राहु परस्पर विरोधी ग्रह हैं जिस कारण से पिछले एक महीने से दोनों एक ही राशि में थे। सूर्य सिंह राशि के स्वामी माने गए हैं और तुला राशि में नीच के और मेष राशि में उच्च के माने गए हैं। सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश करने से कुछ राशि के लोगों का शुभ फल तो कुछ को चुनौतियों का सामना करने को मिल सकता है। आइए जानते हैं सूर्य के मिथुन राशि में गोचर से किन-किन राशियों को शुभ फल की प्राप्ति होगी।