शुक्र को क्यों माना जाता है सुख-समृद्धि का ग्रह?
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शुक्र को क्यों माना जाता है सुख-समृद्धि का ग्रह?
वैदिक ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, सौंदर्य, कला, वैभव, धन, भौतिक सुख और दांपत्य जीवन का कारक ग्रह माना जाता है। इसलिए शुक्र की स्थिति में होने वाले बदलावों को इन क्षेत्रों से जोड़कर देखा जाता है। स्वाति नक्षत्र का स्वामी राहु होने के कारण इस परिवर्तन का प्रभाव अलग-अलग राशियों के आर्थिक, करियर और व्यक्तिगत जीवन पर अलग तरीके से पड़ सकता है।
24 अक्तूबर तक रहेगा प्रभाव
गणना के अनुसार शुक्र 11 सितंबर 2026 को स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 24 अक्तूबर तक यहां रहेंगे। इसके बाद शुक्र की नक्षत्र स्थिति में बदलाव होगा। हालांकि, ज्योतिषीय फलादेश सामान्य मान्यताओं पर आधारित होते हैं और इनके परिणाम व्यक्ति की कुंडली के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।