Saturn Retrograde: जुलाई के महीने में न्यायाधिपति और कर्मफलदाता शनि अपनी चाल में बदलाव लाने वाले हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। सावन माह के शुरू होने के बाद शनि मीन राशि में उल्टी चाल से चलेंगे। शनि के वक्री चाल से चलने के कारण कुछ राशि के जातकों के ऊपर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि की वक्री चाल बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। जब भी शनि वक्री होते हैं तो जिन राशियों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती या फिर ढैय्या चलती है इसका नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है, लेकिन वहीं कुछ राशियां ऐसी होती हैं जिन्हें शनि के वक्री होने पर बहुत ही संभलकर चलना होता है। आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में।