फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शनि का दूसरा चरण सबसे घातक, साल 2020 में इस एक राशि पर है ये चरण

Tue, 07 Jan 2020 06:32 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
शनिदेव
शनि की साढ़े साती से सारे लोग डरते हैं और यही कामना करते हैं उनके ऊपर कभी भी शनि की साढ़े साती न रहे। शनि न्याय के देवता है। शनि मेहनती और ईमानदार लोगों पर जल्दी कृपा बरसाते हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार शनि किसी भी व्यक्ति के जीवन काल में एक से लेकर दो बार शनि की साढ़े साती जरूर आती है। शनि की साढ़े साती होने पर उस राशि पर साढ़े सात साल तक प्रभाव जरूर रहता है।
विज्ञापन

2 of 4
शनि 2020
एक राशि में ढाई साल तक रहते हैं शनि
  • शनिदेव एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्ष का समय लेते हैं। ज्योतिष के अनुसार शनि जिस भी राशि में होता है, उसका प्रभाव उस राशि पर तो रहता ही है, साथ ही राशिचक्र में पहले और बाद की राशि पर पड़ने से शनि की अवधि कुल मिलाकर साढ़े सात वर्ष तक होती है। इसलिए, इस अवधि को शनि की साढ़े साती के नाम से पुकारा जाता है। 
विज्ञापन

3 of 4
साल 2020 में शनि ग्रह - फोटो : shani
साल 2020 में शनि 
  • जैसे कि 24 जनवरी 2020 से शनि मकर राशि में भ्रमण करेंगे। ऐसे में उसके पहले की राशि यानी धनु में शनि की साढ़े साती का अंतिम चरण, मकर राशि पर दूसरा चरण और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा। दूसरा चरण जातक के लिए सबसे कष्टदायी समझा जाता है। ऐसे में मकर राशि के लोग इस शनि के इस घेरे में आएंगे
विज्ञापन

4 of 4
 मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती के दूसरे चरण का असर
  • शनि की साढ़े साती का दूसरा चरण सबसे घातक माना गया है। जिस किसी के ऊपर ये चरण रहता है  उसके जीवन में उसको तमाम तरह की परेशानियां आती हैं। साढ़े साती के तीसरे चरण में व्यक्ति को सुख- सुविधाओं का लाभ नहीं मिलता। आमदनी कम होती है और खर्चे ज्यादा खर्च होते हैं। सेहत से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वाद-विवाद के योग बनते है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें