29 मार्च को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा और इसी दिन सूर्यदेव के पुत्र और न्यायाधिपति शनिदेव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का विशेष और महत्वपूर्ण महत्व होता है। शनिदेव सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं और एक से दूसरी राशि में गोचर करने पर कई महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं। शनि के गोचर होने से कुछ राशियों पर सकारात्मक और कुछ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शनि के गोचर करने से कुछ राशि पर साढ़ेसाती लग जाती है वहीं कुछ पर से खत्म भी होती है। ज्योतिष में शनिदेव को न्याय और कर्म का देवता माना गया है यह व्यक्तियों को उनके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि 29 मार्च को मीन राशि में आ जाएंगे जहां पर यह 3 जून 2027 तक रहेंगे। शनि के मीन राशि में गोचर करने से आइए जानते हैं किन राशि वालों को लाभ मिलेगा और किनके लिए शुभ स्थितियां बन सकती हैं।