Pradosh Vrat Mantra Jaap: प्रदोष व्रत का फल दिन के अनुसार मिलता है। विशेष रूप से यदि यह व्रत गुरु प्रदोष के दिन किया जाए, तो यह शत्रुओं से मुक्ति, मानसिक शांति और सामर्थ्य में वृद्धि का कारण बनता है। इस दिन भक्ति भाव से शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें।
Rashi Anusar Mantra Jaap: वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी गुरुवार 27 मार्च को प्रदोष व्रत है, जो विशेष रूप से भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा के लिए समर्पित होता है। यह व्रत विशेष रूप से साधक की मनोकामनाओं की पूर्ति, सुख, सौभाग्य में वृद्धि और शत्रुओं का नाश करने के लिए किया जाता है।
प्रदोष व्रत का फल दिन के अनुसार मिलता है। विशेष रूप से यदि यह व्रत गुरु प्रदोष के दिन किया जाए, तो यह शत्रुओं से मुक्ति, मानसिक शांति और सामर्थ्य में वृद्धि का कारण बनता है। इस दिन भक्ति भाव से शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें। प्रदोष व्रत के दौरान यदि भक्ति भाव से शिव-शक्ति की पूजा की जाती है और राशि अनुसार मंत्रों का जाप किया जाता है, तो महादेव की कृपा साधक पर बरसती है और जीवन में मंगल ही मंगल होता है।
मीन राशि
सौभाग्य में वृद्धि के लिए ॐ गोरीशंकर नमः और ॐ कमलायै नमः मंत्र का जप करें।
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