वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह एक निश्चित अंतराल पर राशि बदलते रहते हैं जिसके कारण कई तरह के शुभ और अशुभ दोनों ही तरह के योगों का निर्माण होता है। ऐसा ही योग शनि और केतु के संयोग से बना हुआ है। 25 नवंबर षडाष्टक योग बनेगा। यह दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है। षट यानी 6 और अष्टक यानी 8। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब दो ग्रह एक-दूसरे से 6ठे और 8वें भाव में होते हैं, इन दोनों के बीच के संबंध को षडाष्टक योग कहते है। आपको बता दें कि वर्तमान समय में शनि और केतु के योग से षडाष्टक योग बना रहे हैं। न्याय और कर्मफलदाता शनि अभी मीन राशि मे हैं और केतु सिंह राशि में हैं, जो 25 नवंबर 2026 तक रहेंगे। इस योग से नवंबर तक कुछ राशि वालों को करियर-नौकरी में अचानक धन लाभ के प्रबल योग है।