जुलाई का महीना शुरू होने वाला है और यह माह ज्योतिषीय नजरिए से बहुत ही महत्वपूर्ण रहने वाला है। जुलाई महीने में दो बड़े और महत्वपूर्ण ग्रहों की आपस में युति होगी जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। पंचांग गणना के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को ग्रहों के राजा सूर्य और गुरु की आपस में युति होगी। 16 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए कर्क राशि में प्रवेश करेंगे जहां पर पहले से ही देवगुरु बृहस्पति विराजमान हैं। ऐसे में कर्क राशि में गुर-सूर्य की युति एक माह के लिए बनेंगी। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मबल, पद-प्रतिष्ठा, नेतृत्व क्षमता, मान-सम्मान, प्रशासनिक कार्य आदि के कारक हैं, वहीं देवगुरु बृहस्पति भाग्य, शिक्षा, धन, ज्ञान, विवाह और सुख-समृद्धि के कारक ग्रह माने जाते हैं। गुरु कर्क राशि में उच्च के माने जाते हैं और सूर्य की आपस में मित्रता का भाव रहता है ऐसे में दोनों ही ग्रहों की एक राशि में युति होने से आत्मविश्वास, मान-सम्मान में वृद्धि के संकेत है। कर्क राशि में गुरु-सूर्य की युति से कुछ राशि वालों को जबरदस्त धन लाभ के अवसरों में वृद्धि के योग हैं।