पिछले कुछ दिनों में आए भूकंपों ने आम जनता और भूगर्भ वैज्ञानिक दोनों को हैरत में डाल दिया है। गौरतलब है की बीत वर्ष अप्रैल के महीने में नेपाल में आए विनाशकारी भूकम्प ने 8000 से अधिक जानें ली थी, जिसकी दहशत आज भी नेपाल और उत्तर भारत के लोगों के जेहन में ताजा हैं। भारतीय ज्योतिष के अनुसार अधिकतर बड़े भूकंप सूर्य ग्रहण या चन्द्र ग्रहण के बाद आते हैं।
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बार-बार आ रहे भूकंप की ये है वजह, जानिए कब तक चलेगा सिलसिला
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सूर्य ग्रहण
- फोटो : demo
ज्योतिष के प्राचीन ग्रंथों के अनुसार सूर्य ग्रहण का प्रभाव 3 महीने तक रहता है, जबकि चन्द्र ग्रहण 15 से 30 दिन के भीतर अपने अशुभ फलों को प्रकट कर देता है। यहाँ ध्यान देने की बात है की पिछले साल में आया नेपाल का भूकंप और इस वर्ष हिन्दू-कुश अफगानिस्तान में फिर म्यांमार में आए भूकम्प सूर्य ग्रहण के बाद ही आए हैं।
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ग्रह
पिछले वर्ष 20 मार्च को पड़े सूर्य ग्रहण के बाद 25 अप्रैल को नेपाल में बड़ा भूकम्प आया था। इस वर्ष 9 मार्च को पड़े सूर्य ग्रहण के 30 दिनों के बाद 9 अप्रैल को अफगानिस्तान के हिंदुकुश में बड़ा भूकंप आया जिसके झटके उत्तर भारत में भी महसूस किए गए। इसके बाद 13 अप्रैल को म्यांमार सीमा में आए भूकंप ने समूचे पूर्वोत्तर भारत में दहशत फैला दी। 9 मार्च को कुम्भ राशि में पड़े सूर्य ग्रहण का प्रभाव 9 जून तक रहेगा। इसके असर से बड़े भूकंपों की संभावना इसलिए भी बनती है, क्योंकि सभी बड़े ग्रह जैसे शनि, गुरु, मंगल, राहु और केतु इस समय स्थिर राशियों में गोचर कर रहे हैं।
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ग्रह नक्षत्र
मेदिनी ज्योतिष के सिद्धांतों के अनुसार स्थिर राशियां वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ यदि बड़े ग्रहों द्वारा या ग्रहण के कारण पीड़ित हों तो उसके प्रभाव से बड़े भूकंप और युद्ध की संभावना बनती है, जिससे लम्बे समय तक जनता को कष्ट प्राप्त होता है। 17 अप्रैल को मंगल ग्रह वृश्चिक राशि में वक्री होंगे जहां इस समय शनि वक्री गति से गोचर कर रहे हैं। यह दोनों पाप ग्रह सिंह राशि में गोचर कर रहे वक्री गुरु और राहु से केंद्र में रह कर उनको प्रभावित करेंगे।
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कुल्लू के ढालपुर में क्रिकेट मैच चल रहा था। झटके लगने पर खिलाड़ी और दर्शक बीच मैदान की ओर दौड़ पड़े।
इन तीन बड़े ग्रहों के स्थिर राशियों में एक साथ वक्री होने का संजोग कई दशकों के बाद बन रहा है। इसके प्रभाव से 22 अप्रैल की पूर्णिमा, 6 मई की अमावस्या और 21 मई की पूर्णिमा के आसपास कुछ बड़े भूकंप आने की आशंका है। यह भूकंप वृश्चिक और मकर राशि से प्रभावित हिमालय क्षेत्र में उत्तर भारत और पाकिस्तान, सिंह राशि से प्रभावित गुजरात के कच्छ और वृषभ राशि से प्रभावित ईरान के दक्षिण भाग में आ सकते हैं।