राहु ग्रह अगले महीने 23 सितंबर को अपनी चाल बदल रहा है। राहु इस दिन मिथुन राशि से वृष राशि में गोचर करेगा और इस राशि में 12 अप्रैल 2022 तक इसी राशि में स्थित रहेगा। राहु की चाल हमेशा उल्टी दिशा में होती है। राहु का राशि परिवर्तन इस साल की सबसे बड़ी ज्योतिषीय घटनाओं में से एक है। अतः इसका प्रभाव भी सभी राशियों पर जबरदस्त तरीके से पड़ेगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु एक अशुभ ग्रह है। हालांकि अन्य ग्रहों की तुलना में (केतु को छोड़कर) इसका कोई वास्तविक आकार नहीं है। इसलिए राहु को छाया ग्रह कहा जाता है। स्वभाव के अनुसार, राहु को पापी ग्रह की संज्ञा दी गई है। आमतौर पर कुंडली में राहु का नाम सुनते ही लोगों के मन में भय उत्पन्न हो जाता है। परंतु कोई भी ग्रह शुभ या अशुभ नहीं होता है बल्कि उसका फल शुभ-अशुभ होता है। यदि कुंडली कोई ग्रह मजबूत स्थिति में होता है तो वह शुभ फल देता है। राहु को किसी भी राशि का स्वामित्व प्राप्त नहीं है।
वहीं जब कमजोर स्थिति में होता है तो उसके फल नकारात्मक मिलते हैं। यहां हम राहु ग्रह की बात कर रहे हैं। राहु को अशुभ फल देने वाला ग्रह माना जाता है। लेकिन यह पूर्ण रूप से सत्य बात नहीं है। राहु कुंडली में शुभ होने पर शुभ फल भी देता है। इसके शुभ फल से व्यक्ति धनवान और राजयोग का सुख भी प्राप्त करता है। आइए जानते हैं सभी राशियों पर राहु के इस गोचर का प्रभाव।