Rahu Ketu Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है। ये दोनों ग्रह व्यक्ति के जीवन में अचानक होने वाले बदलाव, भ्रम, मानसिक तनाव के कारक माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी राहु-केतु अपनी राशि बदलते हैं, तो इसका प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में पड़ता है। विशेष बात यह है कि, राहु और केतु लगभग 18 महीने तक एक ही राशि में स्थित रहते हैं, इसलिए इनका गोचर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्तमान समय में राहु कुंभ राशि में विराजमान हैं और 5 दिसंबर 2026 को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं केतु, जो अभी सिंह राशि में स्थित हैं, वह 5 दिसंबर 2026 को चंद्रमा की राशि कर्क में गोचर करेंगे। हालांकि, राहु-केतु के गोचर करने से पहले दिसंबर तक कई चुनौतियों को झेलना पड़ सकता है। साथ ही मानसिक तनाव बढ़ने की अधिक संभावनाएं हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं।
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