Mars Transit 2025: 27 अक्तूबर 2025 को मंगल ग्रह दोपहर 02 बजकर 43 मिनट पर तुला से वृश्चिक राशि में गोचर करने वाले हैं। वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह स्वंय मंगलदेव होते हैं। ऐसे में इनके गोचर करने से पंच महापुरुष योग में से एक रूचक योग का निर्माण होगा।
Mars Transit 2025: वैदिक ज्योतिष में हर एक ग्रह का अपना स्वभाव और कारकत्व होता है, जो उसी के साथ फल प्रदान करता है। ज्योतिष में मंगल को उग्र ग्रह माना जाता है। यह साहस, ऊर्जा, उत्साह, रक्त, सेना और युद्ध का कारक ग्रह होता है। मंगल जुनून, महत्वाकांक्षा और दृढ़ता का प्रतीक ग्रह माना जाता है। 27 अक्तूबर 2025 को मंगल ग्रह दोपहर 02 बजकर 43 मिनट पर तुला से वृश्चिक राशि में गोचर करने वाले हैं। वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह स्वंय मंगलदेव होते हैं। ऐसे में इनके गोचर करने से पंच महापुरुष योग में से एक रूचक योग का निर्माण होगा। इस योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। मंगल के अपनी स्वराशि वृश्चिक में गोचर करने से कुछ राशियों के लिए आने वाले दिन बहुत ही शुभ और लाभकारी साबित होगा। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं वे भाग्यशाली राशियां।
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मिथुन राशि
- फोटो : amar ujala
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल आपकी कुंडली के छठे और ग्यारहवें भाव से अधिपति देवता है। 27 अक्तूबर को मंगल का गोचर आपकी राशि से वृश्चिक में होगा तो यह आपके छठे भाव में होगा। कुंडली का छठा भाव शत्रु, सेहत, कर्ज, प्रतियोगिता और मामा का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष गणना के अनुसार मंगल का छठे भााव में बैठने से मिथुन राशि के जातकों के लिए स्थितियां अनुकूल साबित होंगी। अपनी राशि में मंगल का विराजमान होना अच्छा माना जाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में आपको सकारात्मक परिणाम की प्राप्ति होगी। इस दौरान आप अपने विरोधियों पर जीत हासि करने में कामयाब होंगे।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह एक योगकारक ग्रह साबित होते हैं। दरअसर यह यह आपके दशम और पंचम भाव के स्वामी हैं जो एक केंद्र और एक त्रिकोण भाव के स्वामी हैं। मंगल के स्वराशि वृश्चिक में गोचर करने से यह आपके पंचम भाव में होंगे। पंचम भाव से विद्या, शिक्षा ,रोमांस और संतान सुख का पता चलता है। ऐसे में मंगल का गोचर वृश्चिक राशि में होने से छात्रों के लिए विशेषकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए अच्छा रहने वाला है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए मंगलदेव एक योग कारक ग्रह होते हैं। यह आपकी कुंडली के नवम और चतुर्थ भाव जो एक केंद्र और दूसरा त्रिकोण होता है उसके स्वामी होते हैं। 27 अक्तूबर को मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर करने से यह आपके चौथे भाव में होगा जिसका सीधा संबंध आपकी माता, घर, वाहन और संपत्ति से होता है। ऐसे में मंगल का गोचर आपके लिए बहुत ही शुभ साबित होने जा रहा है। इस दौरान आपको सभी तरह के भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होगी। वाहन और जमीन की खरीदारी के लिए समय अनुकूल रहने वाला होगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगलदेव आपके लग्न और छठे भाव के स्वामी होते हैं जो अब 27 अक्टूबर को आपके लग्न भाव में गोचर करने वाल हैं। मंगल का अपनी स्वराशि में गोचर आपके लिए बहुत ही लाभकारी और शुभ साबित होगा। ऐसे में आपके मान-सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि के योग दिलवाएगा। जिन लोगों का कोई मामला कोर्ट-कचहरी में फंसा हुआ है उनको उसमें जीत हासिल होगी। जो लोग किसी के साथ बिजनेस में पार्टनरशिप में हैं उनके लिए लाभदायक की स्थिति रहेगी।