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Kark Sankranti: कर्क संक्रांति पर बदलेगी ग्रहों की चाल, इन जातकों पर पड़ेगा भारी असर

Tue, 08 Jul 2025 10:23 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kark Sankranti 2025: कर्क संक्रांति पर सूर्य दक्षिणायन होते हैं, जिससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इस दौरान कुछ राशि के जातकों को विशेष सतर्कता रखनी चाहिए।
 
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कर्क संक्रांति - फोटो : adobe stock
Kark Sankranti Ka Rashiyon Par Prabhav: ज्योतिष शास्त्र में संक्रांति तिथियां केवल पंचांग की गणनाओं तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि ये ब्रह्मांडीय ऊर्जा के महत्वपूर्ण बदलाव की सूचक होती हैं। वर्ष में कुल 12 संक्रांतियां होती हैं, लेकिन इन सभी में कर्क और मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। कर्क संक्रांति वह समय होता है जब सूर्य, मिथुन राशि को छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करता है। इसी के साथ उत्तरायण काल समाप्त हो जाता है और दक्षिणायन काल की शुरुआत होती है, जिसे देवताओं का शयन काल भी कहा गया है।
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यह समय ज्योतिषीय दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। दक्षिणायन के छह महीने वह अवधि होती है जब सकारात्मक शक्तियां मंद पड़ जाती हैं और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ने लगता है। ऐसे में इस बदलाव का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है, लेकिन कुछ राशियां विशेष रूप से इसकी चपेट में आती हैं, जिन्हें इस समय विशेष सतर्कता और संयम के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। आइए जानें कि 2025 में कर्क संक्रांति कब है और इसका प्रभाव किन जातकों पर अधिक पड़ सकता है।
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पारिवारिक जीवन में विशेषकर माता की सेहत को लेकर चिंता बढ़ सकती है, इसलिए ध्यान और देखभाल जरूरी होगी। - फोटो : अमर उजाला
मेष राशि
सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश के साथ ही मेष राशि वालों के लिए समय थोड़ा संवेदनशील हो सकता है। पारिवारिक जीवन में विशेषकर माता की सेहत को लेकर चिंता बढ़ सकती है, इसलिए ध्यान और देखभाल जरूरी होगी। सेहत को लेकर लापरवाही भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है, खासकर खान-पान पर नियंत्रण रखना आवश्यक होगा। कार्यस्थल पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन किसी भी बात पर आवेश में आकर निर्णय लेना नुकसानदायक हो सकता है। क्रोध और आवेग पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है।
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सरकारी कामों में उलझने से बचें और किसी भी प्रकार के विवाद से दूरी बनाकर रखें। - फोटो : अमर उजाला
धनु राशि
कर्क संक्रांति के बाद धनु राशि के जातकों को यात्रा और वाहन चलाने में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। छोटी-सी चूक भी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए सतर्क रहें। इस दौरान धन हानि के साथ-साथ शारीरिक चोट की भी संभावना बन सकती है। सरकारी कामों में उलझने से बचें और किसी भी प्रकार के विवाद से दूरी बनाकर रखें। अगर आप संपत्ति से जुड़े किसी बड़े निर्णय की सोच रहे हैं तो यह समय जोखिम उठाने के लिए उपयुक्त नहीं है। धैर्य और सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी होगा।

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बात-बात पर विवाद से बचें और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें। - फोटो : अमर उजाला
मकर राशि
कर्क संक्रांति का प्रभाव मकर राशि वालों के लिए कुछ मानसिक और भावनात्मक उतार-चढ़ाव लेकर आ सकता है। खासकर वैवाहिक जीवन या पार्टनर के साथ संबंधों में तनाव की स्थिति बन सकती है। बात-बात पर विवाद से बचें और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में भी साझेदारों के साथ मतभेद हो सकते हैं, इसलिए संयम और सूझबूझ से काम लेना जरूरी होगा। इस समय कानूनी या विवादास्पद मामलों से दूरी बनाए रखें और किसी भी निर्णय से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।
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कर्क संक्रांति - फोटो : adobe stock
कर्क संक्रांति कब ?
कर्क संक्रांति 16 जुलाई को है। इस दिन सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर शाम 5:40 बजे कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ उत्तरायण काल का समापन और दक्षिणायन काल की शुरुआत होगी, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
  • कर्क संक्रांति पुण्य काल: सुबह 5:40 बजे से शाम 5:40 बजे तक
  • महा पुण्य काल: दोपहर 3:22 से शाम 5:40 बजे तक
  • सूर्य का राशि परिवर्तन: शाम 5:40 बजे कर्क राशि में प्रवेश


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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