हिन्दू पंचांग के अनुसार नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरु होता है। इस वर्ष यह तिथि 8 अप्रैल को है। वारानुसार इस दिन शुक्रवार है इसलिए संवत् 2073 का राजा शुक्र है शुक्र के पास ही धन का प्रभार भी है क्योंकि यह धनेश भी होगा। मंत्री का पद बुध के पास रहेगा। गुरु धान्येश होंगे यानी शीतकालीन फसलों के स्वामी, जबकि शनि सस्येश यानी गर्मी के फसलों के स्वामी होंगे। मंगल वर्षा का स्वामी होगा। इस तरह अलग-अलग ग्रहों के अलग-अलग प्रभार के कारण आपके जीवन और आपकी आर्थिक स्थिति पर क्या असर रहेगा देखिए।
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राजा शुक्र का प्रभाव
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venus planet
शुक्र ग्रह को भौतिक सुख के साधन, प्रेम, काम, कला, संगीत का कारक माना गया है। शुक्र के राजा होने के कारण इस वर्ष आर्थिक मामलों में प्रगति होगी साथ ही इस वर्ष वाहन की बिक्री अच्छी होनी चाहिए। कला, संगीत, मेकअप, फैशन, रेडीमेड वस्त्रों के कारोबार में तेजी आएगी। फिल्मों में कामुकता का प्रदर्शन बढ़ेगा। धान, गन्ना, गेहूं का उत्पादन अच्छा रहेगा।
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शुक्र के वाहन का प्रभाव
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ग्रह नक्षत्र
ज्योतिषशास्त्र की गणना के अुनसार संवत् 2073 के राजा का वाहन दादूर यानी मेंढक है। इसका परिणाम यह है कि देश के कई भागों में खूब वर्षा होगी। बाढ़, भूस्खलन जैसे प्राकृतिक प्रकोप में जन-धन की हानि होगी। जबकि कुछ क्षेत्रों में वर्षा की कमी से सूखा पड़ सकता है। व्यापारियों को कारोबार में लाभ मिलता रहेग।
बुध दिलाएगा इन लोगों को आर्थिक लाभ
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बुध ग्रह
बुध के मंत्री पद पर होने के कारण अब से अगले एक साल तक लोगों में काम भाव अधिक रहेगा। इससे यौनापराध में वृद्धि होगी। पेट्रोल और गैस की कीमत बढ़ेगी। पत्रकारिता, लेखन, शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह वर्ष उन्नतिदायक और उत्साहवर्ध रहेगा। जो लोग दैनिक उपयोग की चीजों का कारोबार करते हैं उनके लिए भी यह वर्ष आर्थिक मामलों में अच्छा रहेगा।
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शनि के कारण अाएगी इन मामलों में परेशानी हाोगी
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शनि
शनि महाराज के सस्येश यानी गर्मी के फसलों के स्वामी होने के कारण जौ, मक्का, धान, गेहूं की फसलों को प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान होगा और इनकी कीमत बढ़ेगी। सरकार के अजग-गजब फैसले के कारण जनता को कष्ट का सामना करना होगा। देश के कई भागों में संक्रामक रोग और प्राकृतिक आपदा आ सकती है, आम लोगों को परेशानियों का सामना करना होगा। शनि इस वर्ष धातुओं के भी स्वामी हैं इसलिए इस वर्ष लोहा, स्टील, कोयला, पेट्रोलियम, उड़द, काली मिर्च, दाल चीनी, ऊनी वस्त्रों की कीमत बढ़ेगी।
धान्येश गुरु का प्रभाव यह होगा कि शीत ऋतु की फसलें गेहूं, बाजरा, मूंग का उत्पादन बढ़िया होगा। धर्म कर्म के प्रति लोगों की आस्था बढ़ेगी। शिक्षक, धर्म गुरुओं और विद्वानों का समाज में महत्व बढ़ेगा।