Guru Grah Ka Nakshatra Parivartan: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को धन और ज्ञान का कारक माना जाता है। कुंडली में बृहस्पति के मजबूत होने से व्यक्ति को जीवन में धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है। करियर और बिजनेस को भी नया आयाम मिलता है। वहीं, अगर कुंडली में बृहस्पति कमजोर हो तो व्यक्ति को जीवन में आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक देवगुरु बृहस्पति जल्द ही अपनी राशि बदलेंगे।
देव गुरु बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है। बृहस्पति को सौभाग्य, धन और समृद्धि का कारक माना जाता है और समय-समय पर राशि के साथ नक्षत्र भी बदलता रहता है। सावन पूर्णिमा के बाद बृहस्पति ग्रह अपना नक्षत्र परिवर्तन कर मृगशीर्षा नक्षत्र में चला जाएगा। बृहस्पति इस समय वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में है।
रक्षाबंधन का त्योहार 19 अगस्त को मनाया जाएगा। इसके बाद 20 अगस्त 2024 को बृहस्पति 17:22 बजे मृगशीर्षा नक्षत्र में गोचर करेंगे और 28 नवंबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इस नक्षत्र के दौरान बृहस्पति कई राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचाएंगे। ऐसे में इन राशियों को इस दौरान सावधान रहने की जरूरत है। आइए जानें कि मृगशीर्षा नक्षत्र क्या है और बृहस्पति के नक्षत्र परिवर्तन से किन राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।