Gaj Kesari Yog 2025: ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह का विशेष स्थान माना गया है, उनके प्रभाव से जातक के जीवन में विवाह के योग का निर्माण होता है। मान्यता है कि कुंडली में गुरु मजबूत होने पर व्यक्ति के भाग्य में वृद्धि और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। ज्योतिष में गुरु को संतान, विवाह, धन, शिक्षा, धर्म, करियर आदि का कारक माना गया है और उन्हें धनु और मीन राशि का स्वामित्व प्राप्त है। कहते हैं कि जब भी गुरु अपनी राशि परिवर्तन या किसी ग्रह के साथ मिलकर युति बनाते हैं, तो सभी 12 राशि के जातकों को शुभ-अशुभ फलों की प्राप्ति होती हैं। वर्तमान में गुरु वृषभ राशि में विराजमान है और वहीं दूसरी ओर चंद्रमा 6 फरवरी 2025 को सुबह 2 बजकर 15 मिनट पर वृषभ राशि में एंट्री लेंगे। ऐसे में गुरु और चंद्रमा से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा जिससे कुछ राशियों को विशेष लाभ की प्राप्ति हो सकती हैं, आइए इन लकी राशियों के नाम जानते हैं।