Chandrama Gochar 2026: मन के कारक चंद्रमा सबसे तीव्र गति से चलने वाले ग्रह माने जाते हैं। वह एक राशि में लगभग दो से ढाई दिन रहते हैं और उसके बाद अगला गोचर करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में उन्हें मन, माता मानसिक शांति और भावनाओं का कारक माना जाता है। कहते हैं कि, यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो, तो व्यक्ति तनाव से घिरा और सेहत संबंधी समस्याएं झेलता है। लेकिन उनका शुभ प्रभाव जातकों को मानसिक शांति प्रदान करता है और जातक रचनात्मक बनता है। वहीं चंद्रमा के गोचर से भी राशियों को शुभ-अशुभ फलों की प्राप्ति होती हैं। इससे कुछ को लाभ, तो कुछ राशि वालों की परेशानियां बढ़ती हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, वर्तमान में चंद्रमा शुक्र की राशि तुला में विराजमान है। वह 10 फरवरी को देर रात 1 बजकर 11 मिनट पर वृश्चिक में गोचर कर जाएंगे। यह चंद्रमा की नीच राशि है, इसलिए यह गोचर कुछ राशि वालों के लिए नई चुनौतियां लेकर आ सकता है। आइए इन राशियों के बारे में जानते हैं।