वर्तमान संवत्सर में पृथ्वी पर चार ग्रहण पड़ेंगे जिनमें दो सूर्य ग्रहण होंगे और दो चंद्र ग्रहण होंगे। इनमें 4 दिसंबर को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए उस सूर्यग्रहण से संबंधित कोई भी दुष्प्रभाव भारतवर्ष पर नहीं पड़ेगा । वर्तमान में 26 मई बुधवार को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण भी भारतवर्ष के केवल पूर्वी भाग पश्चिमी बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी उड़ीसा, मिजोरम, मणिपुर, असम, त्रिपुरा तथा मेघालय में ग्रस्तोदय के रूप में बहुत कम समय के लिए दिखाई देगा इन स्थानों पर चंद्रमा ग्रस्तोदय ही उदित होंगे। चंद्रोदय के कुछ मिनट बाद ही ग्रहण समाप्त हो जाएगा। भारत वर्ष के शेष भागों में न तो यह ग्रहण दिखाई देगा और न ही इसका कोई दुष्प्रभाव सुताकादि पड़ेगा।