प्रदोष व्रत के नियम
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- शिव परिवार की विधिपूर्वक पूजा करें और बेलपत्र, फूल, धूप, दीप आदि अर्पित करें।
- प्रदोष व्रत की कथा का पाठ करें, फिर भगवान शिव की आरती और शिव चालीसा का पाठ करें।
- अंत में पूजा संपन्न करने के बाद ही उपवास समाप्त करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।