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Bhadra Vishti Karana: अगस्त में भूलकर भी इन तिथियों पर न करें शुभ कार्य, हो सकती है परेशानी

Tue, 30 Jul 2024 07:20 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Bhadra Vishti Karana - फोटो : amar ujala
Bhadra Vishti Karana: सनातन धर्म में ऐसे कई कार्य हैं जो बृहस्पति और शुक्र तारा अस्त होने के समय किए जाते हैं, लेकिन भद्रा विष्टि करण के दौरान ये कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए। मान्यता है कि इन कार्यों में किसी भी प्रकार की सफलता के योग नहीं होते हैं। इससे जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शुभ कार्यों के दौरान भद्रा काल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस समय बृहस्पति ग्रह वृषभ राशि में है। भद्रा विष्टि करण के दौरान शुभ एवं मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। धार्मिक मान्यता है कि सगाई, विवाह, गृहप्रवेश आदि शुभ कार्य किए जाते हैं। भद्रा विष्टि करण के दौरान शुभ फल नहीं मिलते। कई ज्योतिषविद भद्रा विष्टि करण काल के दौरान गृह निर्माण, शुभ यात्रा और नई परियोजनाओं और अन्य शुभ कार्यों को स्थगित करने की सलाह देते हैं। ऐसा माना जाता है कि विष्टि करण के दौरान ये कार्य अधिक कठिन हो जाते हैं। लाभकारी कार्यों का जीवन पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। आइए जानते हैं अगस्त में भद्रा विष्टि करण की तिथि और समय।
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Bhadra Vishti Karana - फोटो : amar ujala
क्या होता है भद्रा विष्टि करण योग ?
विष्टि करण योग को भद्रा करण के नाम से भी जाना जाता है जिसे बहुत अशुभ माना जाता है। भद्रा सूर्य की पुत्री और शनि की बहन है। विष्टि करण योग के दौरान पैदा हुआ व्यक्ति बहुत अधीर, उत्साही होता है और उसका मन अनैतिक कार्यों की ओर जाता है। वे किसी भी काम पर ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाते।
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Bhadra Vishti Karana - फोटो : istock
विष्टि करण, अगस्त 2024
  • 02 अगस्त को विष्टि करण समय:  दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से 03 अगस्त मध्य रात्रि 03 बजकर 38 मिनट तक । इस दौरान भूलकर भी शुभ कार्य न करें।
  • 08 अगस्त को विष्टि करण समय: प्रातः 11 बजकर 23 मिनट से 09 अगस्त रात्रि 12 बजकर 36 मिनट तक 
  • 12 अगस्त को भद्रा विष्टि करण का योग : प्रातः 07 बजकर 58 मिनट से मिनट से रात्रि 08 बजकर 48 मिनट तक 
  • 15 अगस्त को भी भद्रा यानी विष्टि करण योग: रात्रि 10 बजकर 13 मिनट से 16 अगस्त की सुबह 09 बजकर 40 मिनट तक 
  • 19 अगस्त को भद्रा का अशुभ योग: रात्रि के 03 बजकर 08 से 19 अगस्त की दोपहर के 01 बजकर 38 मिनट तक है
  • 22 अगस्त को भद्रा योग:  रात्रि 03 बजकर 28 मिनट से 23 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 44 मिनट पर समाप्त  
  • 25 अगस्त को विष्टि करण का योग: प्रातः 05 बजकर 29 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 01 मिनट तक
  • 28 अगस्त को अंतिम भद्रा विष्टि करण योग:  दोपहर 01 बजकर 19 मिनट से लेकर रात 01 बजकर 21 मिनट तक 

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Bhadra Vishti Karana - फोटो : freepik
विष्टि करण शांति पूजा कब करें? 
भद्रा शांति या विष्टि करण शांति जातक के राशि के नक्षत्र के अनुसार किसी भी शुभ दिन की जा सकती है। विष्टि करण शांति पूजामें गौरी गणेश पूजा, पार्थिव भद्रा पूजा, रुद्र पूजा, कलश नवग्रह पूजा, चांदी पाठ और हवन आदि किया जाता है। 
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Bhadra Vishti Karana - फोटो : amar ujala
विष्टि करण शांति पूजा के लाभ 
  • विष्टि करण शांति पूजा स्थिरता और शांति प्रदान करने में मदद करती है। 
  • पारिवारिक संबंधों में प्रेम और आनंद की वृद्धि करती है। 
  • भद्रा के कारण होने वाले अशुभ प्रभावों को दूर करने में सहायता करती है। 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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