Bhadra Vishti Karana: सनातन धर्म में ऐसे कई कार्य हैं जो बृहस्पति और शुक्र तारा अस्त होने के समय किए जाते हैं, लेकिन भद्रा विष्टि करण के दौरान ये कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए। मान्यता है कि इन कार्यों में किसी भी प्रकार की सफलता के योग नहीं होते हैं। इससे जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शुभ कार्यों के दौरान भद्रा काल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस समय बृहस्पति ग्रह वृषभ राशि में है। भद्रा विष्टि करण के दौरान शुभ एवं मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। धार्मिक मान्यता है कि सगाई, विवाह, गृहप्रवेश आदि शुभ कार्य किए जाते हैं। भद्रा विष्टि करण के दौरान शुभ फल नहीं मिलते। कई ज्योतिषविद भद्रा विष्टि करण काल के दौरान गृह निर्माण, शुभ यात्रा और नई परियोजनाओं और अन्य शुभ कार्यों को स्थगित करने की सलाह देते हैं। ऐसा माना जाता है कि विष्टि करण के दौरान ये कार्य अधिक कठिन हो जाते हैं। लाभकारी कार्यों का जीवन पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। आइए जानते हैं अगस्त में भद्रा विष्टि करण की तिथि और समय।