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ग्रह बनाते बिगाड़ते हैं रिश्ते, संबंधों को सुधारने के लिए जानें क्या हैं उपाय

Tue, 22 Sep 2020 06:51 AM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay
जिस परिवार में परिजनों के बीच प्रेम-भाईचारा होता है उस घर में सदैव खुशहाली के साथ-साथ संपन्नता भी आती है। वहीं इसके विपरीत अगर परिजनों के बीच लड़ाई-झगड़ा होता है, वहां गृह क्लेश देखने को मिलता है और घर में दरिद्रता का आगमन होने लगता हैं। दरअसल ज्योतिष में रिश्तों का बनना-बिड़ना ग्रहों का खेल होता है। आइए जानते हैं किस ग्रह का संबंध किस रिश्ते से है और क्या हैं इन्हें सुधारने के उपाय
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सूर्य देव - फोटो : सोशल मीडिया
सूर्य देव का है पिता से संबंध
सूर्य का संबंध पिता से जुड़ा है। अगर कोई व्यक्ति अपने पिता का सम्मान नहीं करता है, बात-बात पर उनके साथ विवाद करता है या वैचारिक भिन्नता को लेकर उनके साथ रिश्ते खराब करता है, तो सीधे तौर पर वह अपने सूर्य को कमजोर करता है। कुंडली में सूर्य की स्थिति देखकर जातक के पिता के व्यक्तित्व को भी जाना जा सकता है।  

उपाय: सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन सूर्योदय के समय सूर्यदेव को जल चढ़ाएं। एक मुखी रुद्राक्ष धारण करें। माणिक्य रत्न पहनें अथवा सूर्यदेव के बीज मंत्र का प्रत्येक रविवार सूर्य पूजा के समय जाप करें। साथ ही अपने पिता का सम्मान करें।
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चंद्र देव - फोटो : अमर उजाला
माता से है चंद्र देव का संबंध 
जिस प्रकार सूर्य का संबंध पिता से है उसी प्रकार माता का संबंध चंद्र देव से माना गया है। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, मां के साथ रिश्ते खराब होने से चंद्रमा पर बुरा असर पड़ता है। यह बेहद स्वाभाविक सा तथ्य है कि जिस मां ने आपको जन्म दिया, तमाम मुश्किलें उठाकर आपको बड़ा किया, उस मां के साथ दुर्व्यवहार करना अच्छा नहीं है।  

उपाय: माता जी की सेवा करें। इसके साथ ही सोमवार के दिन शिवजी की पूजा करें। सोमवार के दिन सफेद रंग के वस्त्र धारण करने से भी कुंडली में चंद्र देव की स्थिति मजबूत होती है।

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मंगल देव - फोटो : अमर उजाला
मंगल ग्रह का परिवार से नाता
ज्योतिष में मंगल देव का संबंध भाई-बहन से माना जाता है। भाई बहनों के साथ अच्छा सम्बन्ध मंगल को ठीक कर देता है। अच्छा मंगल आपकी मित्र मंडली से भी आपके रिश्ते मजबूत करता है जिसमें युवा मित्रों और सहयोगियों की संख्या ज्यादा होती है।

उपाय: यदि भाई-बहन के साथ आपके रिश्ते खराब है तो सबसे पहले भाई बहनों के साथ एक साथ भोजन करने का प्रयास करें। मंगलवार के दिन हनुमान जी की उपासना करें और लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
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बुध देव - फोटो : अमर उजाला
ननिहाल पक्ष के लोगों से है बुधदेव का संबंध
ज्योतिष में ननिहाल पक्ष के लोगों का विचार बुध से किया जाता है। अगर ननिहाल के लोगों का सम्मान न किया जाय तो बुध कमजोर हो जाता है। ननिहाल के लोगों के सम्बन्ध ठीक रखें। 

उपाय: बुधवार के दिन हरी वस्तुओं का दान करें। ननिहाल से कोई पौधा लाकर अपने घर में लगाएं। गणपति महाराज की पूजा करें। बुध के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
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बृहस्पति देव - फोटो : अमर उजाला
देवगुरु बृहस्पति से है दादा-दादी और वृद्ध लोगों का सबंध 
देवगुरु बृहस्पति का संबंध घर के बुजुर्ग लोग जैसे दादा-दादी से है। यह आपके जीवन के वृद्ध लोगों की सूचना भी देता है। यदि आपके संबंध अपने दादा-दादी से खराब चल रहे हैं तो समझिए आपकी कुंडली में गुरु देव की स्थिति शुभ नहीं है।

उपाय: अपने दादा दादी और बुजुर्गों का सम्मान जरूर करें। उन्हें समय समय पर वस्त्र और मिठाई आदि उपहार में दें। गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें। माथे पर पीले चंदन या हल्दी का तिलक जरूर लगाएं।
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शुक्र देव - फोटो : अमर उजाला
शुक्र ग्रह से किया जाता है जीवनसाथी का विचार
ज्योतिष शास्त्र में शुक्रदेव का सम्बन्ध जीवनसाथी से है। यदि आपके संबंध जीवनसाथी से मधुर हैं तो समझिए आपकी कुंडली में शुक्रदेव शुभ स्थिति में हैं। ऐसे में आपके घर धन-वैभव और सुख-समृद्धि का आगमन होगा।

उपाय: शुक्रदेव की मजबूती के लिए अपने जीवनसाथी का सम्मान जरूर करें। अपने विचार उनके ऊपर न थोपें। घर में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें। शुक्रवार के दिन सफेद या गुलाबी रंग का प्रयोग करें।
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शनि देव - फोटो : अमर उजाला
सेवकों से है शनि देव का संबंध
घर के नौकरों, सेवकों का संबंध शनि महाराज से है। यदि आपके रिश्ते अपने सेवकों या नौकरों से बिगड़ते हैं तो कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर पड़ती है। 

उपाय: अपने सेवकों का शोषण न करें। समय पर उनकी मेहनत का भुगतान करें। शनिवार के दिन शनि महाराज के निमित्त सरसों का तेल चढ़ाएं। इस दिन काले रंग का प्रयोग करें।
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