हाल ही में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी को वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जोड़ दिया है। वर्ष 2014 में मिली सीटों के आधार पर उन्होंने कहा है कि नरेन्द्र मोदी आने वाले समय में कई वर्षों तक प्रधानमंत्री बने रहेगें और साथ ही सीटों का जो आंकड़ा उन्होंने पेश किया है उन सभी का कुल अंक 13 निकल कर आ रहा है। जो निम्नलिखित तरीके से निकाला गया है :- किरण रिजिजू ने पेश किए ये 'AMAZING FACTS!!!
मौजूदा लोकसभा
BJP - 283 Seats 2+8+3 = 13
NDA - 337 Seats 3+3+7 = 13
UPA - 58 Seats 5+8 = 13
Others-148 Seats 1+4+8 = 13
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए 13 अंक का गणित कितना शुभ है?
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : PTI
आंकड़ा तो रिजिजू जी ने निकाल दिया है लेकिन अंक विद्या की ओर पूरा ध्यान नहीं दिया है। अंकशास्त्र में 13 का अंक कभी भी शुभ नहीं माना गया है। अगर इस अंक का फिर से जोड़ करें 1+3=4 आता है और 4 अंक का स्वामी राहु माना गया है। ऐसे में ना ही 13 का अंक शुभ हुआ और ना ही अंक 4 ही शुभ हुआ। राहु का काम है मस्तिष्क को भटकाना, कहना कुछ और करना कुछ। मन में कुछ तो जुबान पर कुछ। नरेन्द्र मोदी जी के बारे में विपक्ष तो विपक्ष अब आम जनता भी यही कहने लगी है। यही कारण है कि मोदी जी के वादे समय के साथ जुमले बनकर रह जाते हैं। वादे कार्यान्वित नहीं हो पा रहे हैं। यदि चुनाव जीतने का यह आंकड़ा इतना ही शुभ था तो 6 महीने बाद ही दिल्ली के चुनावों में इन्हें जीत क्यूं नहीं मिल पाई!
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : PTI
राहु का काम असंतोष पैदा करना है। राहु के प्रभाव से लोगों में नरेन्द्र मोदी को लेकर धीरे-धीरे असंतोष बढ़ेगा। रिजिजू जी का कहना है कि नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी के अनुसार एक आम आदमी भारत का प्रधानमंत्री बनकर काफी वर्षों तक राज करेगा लेकिन नरेन्द्र मोदी आम आदमी होकर प्रधानमंत्री तो बन गए हैं पर आम आदमी की तकलीफों को सत्ता पाते ही भूल भी गए हैं। आम आदमी की तकलीफों को जो भूल गया हो तब वह कैसे दुबारा प्रधानमंत्री के पद पर बना रह सकता है। अगर आम आदमी नरेन्द्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बना भी देता है तो यह जनता की मजबूरी हो सकती है क्योंकि आने वाले समय में लोगों के पास दूसरा कोई विकल्प होगा नहीं तो मजबूरी में इन्हें ही जिताना होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए 13 अंक का गणित कितना शुभ है?
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : PTI
13 का जोड़ 4 निकलने पर राहु का अंक निकलकर आता है और नरेन्द्र मोदी जी के जन्मांक (17/9/1950) का जोड़ करें तो वह 5 निकलकर आता है। अंक 5 का स्वामी बुध है और बुध राहु की मैत्री नहीं होती है। राहु व बुध के संबंध से व्यक्ति की बुद्धि भ्रमित रहती है, उसे पता ही नहीं चलता कि वह जो कर रहा है वह उचित है भी या नहीं। अंक 4 का नकारात्म्क पहलू यह है कि व्यक्ति के विचार स्थिर रहते हैं वह परिस्थितिवश भी उन्हें बदलता नहीं है। जिद्दी होते हैं, बहस जितना भी कराना चाहो करा लो, एक तरह से केवल और केवल बातों की ही खाते हैं। इस अंक के प्रभाव वाले काम का दावा खूब करेंग जबकि काम की बातें हवाई होती है इनकी जमीनी हकीकत नहीं होती है।
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : PTI
यदि इनके जन्मांक 5 की बात की जाए तो यह हर काम में हाथ डालेंगे जरूर लेकिन अंत में इन्हें किसी एक में भी सफलता नहीं मिल पाती है नरेन्द्र मोदी भी इसी तरह की स्थिति का सामना कर रहे हैं। जब से ये प्रधानमंत्री बने हैं तब से ढेरों योजनाएं निकाल चुके हैं लेकिन सभी योजनाएं सिर्फ भविष्य की ओर झांकती दिखती है वर्तमान में इनकी योजनाओं का प्रभाव कहीं नहीं दिखता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए 13 अंक का गणित कितना शुभ है?
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narendra modi
- फोटो : SANTOSH
अंक 4 और अंक 5 के स्वामी ग्रहों के मेल से इनकी बुद्धि एक अलग ही तरीके से काम करती है जिसे कभी कोई समझ नहीं सकता है। अपनी ही एक विचारधारा जिसका कोई सिरा नहीं है वह ये सभी पर थोपना चाहते हैं। ये ढर्रे से अलग चलना चाहते हैं लेकिन खुद ही नहीं जानते कि रास्ता खत्म कहां होगा। रिजिजू जी जिस अंक को प्रधानमंत्री जी के लिए शुभ बता रहे हैं वहीं इनके लिए अशुभ सिद्ध होगा क्योंकि अभी डेढ़ साल ही हुआ है और आम आदमी के भीतर नरेन्द्र मोदी के प्रति असंतोष का भाव उभरने लगा है जिसकी झलक दिल्ली और बिहार के चुनाव में स्पष्ट देखने को मिला।