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Nautapa 2021 Date: इस दिन से शुरू होगा नौतपा, जानें इसका ज्योतिषीय, धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

Sat, 22 May 2021 07:14 AM IST
रुस्तम राणा पं. मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली
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नौतपा 2021 - फोटो : Social Media
हिंदू मान्यता के अनुसार, भगवान सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा प्रारंभ हो जाता है। नौतपा के दौरान सूर्य की लंबवत किरणें धरती पर पड़ती हैं, सूर्य भगवान रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आते हैं तो उन दिनों के पहले नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है। यदि इन नौ दिनों में बारिश न हो और न ही ठंडी हवा चले तो माना जाता है कि इस बार बारिश अच्छी होगी।
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नौतपा 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
इस दिन से होगा नौतपा प्रारंभ
इस बार नौतपा 25 मई से शुरू होगा। इस दिन सूर्य सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य इस नक्षत्र में 8 जून की सुबह 6 बजकर 57 मिनट तक रहेंगे। नौतपा यानी कि भगवान सूर्य जब नौ दिनों तक सर्वोच्च ताप में हों। इन नौ दिनों तक मौसम का मिजाज काफी तल्ख होता है। गर्मी चरम पर होती है। 
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नौतपा 2021: सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण मानसून गर्भ में आ जाता है और नौतपा ही मानसून का गर्भकाल माना जाता है। - फोटो : ANI
मानसून का गर्भकाल
सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण मानसून गर्भ में आ जाता है और नौतपा ही मानसून का गर्भकाल माना जाता है। जिस समय में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होता है उस समय चन्द्रमा नौ नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं, यही कारण है कि इसे नौतपा कहा जाता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
नौतपा के शुरूआती दिनों में होगी खूब गर्मी और उमस
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार नौतपा के शुरुआती छह दिनों में गर्मी के साथ ही उमस भी खूब होगी। वहीं जब नौतपा समापन की ओर होगा तब अंतिम के तीन दिन हवाएं तेज चलेंगी। कहीं-कहीं मध्यम बारिश के भी आसार हैं तो कहीं बौछारें भी पड़ सकती हैं।
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नौतपा का वर्णन श्रीमद्भागवत में भी किया गया है। ऐसी मान्यता है कि जब ज्योतिष की रचना हुई तबसे ही नौतपा भी चला आ रहा है।  - फोटो : सोशल मीडिया
नौतपा का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में सूर्य देवता का विशेष स्थान है। नौतपा का वर्णन श्रीमद्भागवत में भी किया गया है। ऐसी मान्यता है कि जब ज्योतिष की रचना हुई तबसे ही नौतपा भी चला आ रहा है। 
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सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में होकर वृषभ राशि के 10 अंश से 23 अंश 20 कला तक रहते हैं तब नौतपा होता है। - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषीय दृष्टि से नौतपा
सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में होकर वृषभ राशि के 10 अंश से 23 अंश 20 कला तक रहते हैं तब नौतपा होता है। इस नक्षत्र में सूर्य करीब 15 दिनों तक मौजूद रहेंगे। लेकिन शुरुआती 9 दिनों में काफी गर्मी होती है। 
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नौतपा को लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण कहता है कि इस दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं। इसके चलते पृथ्वी पर तापमान बढ़ जाता है। - फोटो : अमर उजाला
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
नौतपा को लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण कहता है कि इस दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं। इसके चलते पृथ्वी पर तापमान बढ़ जाता है। नौतपा के दौरान अधिक गर्मी के चलते मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है और समुद्र की लहरें आकर्षित होती हैं और इससे अच्छी बारिश होने की संभावना बनती है।
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