ज्योतिषविद् पं. मनीष शर्मा के अनुसार, 25 मई से 3 जून तक नौतपा रहेगा। रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्र है। इस नक्षत्र में चंद्र उच्च के होते हैं। इसी नक्षत्र में सूर्य के आ जाने से इस काल में गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर होगा। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इसका असर सभी तरफ दिखाई देगा। खासकर पशुओं को विभिन्न प्रकार के रोग के होने का भय है। नौतपा के आरंभ में चार ग्रह सूर्य, बुध, शुक्र व राहु, एक साथ वृषभ राशि में स्थित होंगे। इससे वाहन दुर्घटनाएं, जन-धन हानि होगी।
दूसरी ओर, 30 मई को नौतपे में ही बुध ग्रह वक्री होगा। दो दिन बाद शुक्र भी बुध का साथ छोड़ देगा। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा के योग बनेंगे। यूपी, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, गुजरात के कच्छ और ओडिशा में भी तेज हवा के साथ वर्षा का योग बनेगा। साथ ही तिलहन, तुअर, मटर, रुई, काली मिर्च, शकर, नमक के भावों अचानक गिरावट आ सकती है। चांदी के भाव भी गिर सकते हैं।
इस साल आवर्त नामक मेघ में बरसेगा भरपूर पानी
ज्योतिषियों के अनुसार, इस वर्ष नवमेघों में आवर्त नामक मेघ वृष्टि करेगा। इस साल का राजा मंगल है। मंगल के पास ही बारिश का विभाग भी है, जो जल के क्षय का द्योतक है। हालांकि भारत एवं अमेरिका में भारी वर्षा के योग बनेंगे। हवा तेज गति से चलेगी। 3 जून को मध्य प्रदेश में भी वर्षा हो सकती है। रोहिणीवास तट पर होने से समयनिवास धोबी के घर में रहेगा। चार महीने के वर्षाकाल में कुल वृष्टि योग 44 है, जिसमें आषाढ़ में 14, श्रावण में 12, भाद्रपद में 14, अश्विन में 3 योग है।