Mercury Transit 2021: संचार, वाणी, संवाद एवं तर्कशक्ति का कारक ग्रह बुध 3 जून को वक्री अवस्था में वृष राशि में प्रवेश कर चुके हैं। अब 23 जून को बुध ग्रह मार्गी होंगे और 3 जुलाई को पुनः मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। वैदिक ज्योतिष में बुध को मार्केटिंग, बुद्धि कौशल, व्यवसाय, प्रबंधन, और संचार आदि का कारक माना गया है। बुध को तटस्थ ग्रह माना गया है। यानी शुभ ग्रह से आने पर यह जातक को शुभ फल प्रदान करते हैं और अशुभ ग्रह के संपर्क में आने पर अशुभ फल। जिस किसी की कुंडली में बुध अनुकूल स्थिति में रहते हैं व्यक्ति को बुद्धिमानी और तार्किक ढंग से निर्णय लेने में सहायता प्रदान करते हैं। वृष राशि में वक्री बुध के प्रवेश से चार राशियों को लाभ प्राप्त होगा। इन चार राशि में कन्या, वृश्चिक, धनु और मीन राशि शामिल हैं। आइए जानते हैं इन राशियों पर वक्री बुध के गोचर का प्रभाव।