मंगल ग्रह ने बीते 6 सितंबर को सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश किया है, जहां ये 22 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक विराजमान होंगे, उसके बाद तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी माना जाता है। मंगल जहां कर्क राशि में नीच के माने जाते हैं। वहीं मकर राशि में ये उच्च के होते हैं। ये पराक्रम, शौर्य, क्रोध, सैन्य शक्ति, भूमि, युद्ध आदि के प्रतीक हैं। मंगल के ही प्रभाव से कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण होता है। जिससे वैवाहिक जीवन में परेशानियां आती हैं। 6 सितंबर को मंगल के कन्या राशि में आने से सभी राशियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। लेकिन चार राशि के जातकों पर मंगल के इस गोचर का नकारात्मक असर पड़ सकता है। ऐसे में इन चार राशि के जातकों को मंगल गोचर के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।