आपके घर का सपना कब पूरा होगा, कब बन पाएगा आपके सपनों का आशियाना? इस सवाल का जवाब आपकी कुंडली के माध्यम से जाना जा सकता है। जन्म कुंडली से व्यक्ति के भाग्य का पता लगाया जा सकता है। कुंडली में कुछ विशेष भावों में ग्रहों की अनुकूल दशाएं इस बात की पुष्टि करते हैं। जैसे कुंडली में चतुर्थ भाव, चतुर्थ भाव का स्वामी, मंगल और शनि जितने बलवान और शुभ ग्रहों के प्रभाव में होंगे, उस व्यक्ति का स्वयं का मकान बनने की उतनी ही अधिक सम्भावना होती है। कुंडली के चतुर्थ भाव अथवा चतुर्थेश पर किसी शुभ ग्रह या ग्रहों की दृष्टि हो अथवा चतुर्थ भाव में स्वयं शुभ ग्रह बलवान होकर बैठे हों तो व्यक्ति को अपना मकान अवश्य प्राप्त होता है। कुंडली में यदि एकादश भाव का शुभ सम्बन्ध चतुर्थ भाव से किसी भी प्रकार का सम्बन्ध बन रहा हो तो व्यक्ति के एक से अधिक मकान होते हैं अथवा मकान क्रय-विक्रय ही उसकी आजीविका का साधन होता है।