कितनी तरह की होती हैं तुलसी माला
तुलसी आमतौर पर 2 तरह की होती है, श्यामा तुलसी और रामा तुलसी। दोनों ही तरह की तुलसी की माला मिल जाती हैं। दोनों ही मालाओं को पहनने के अलग-अलग लाभ होते हैं।
श्यामा तुलसी की माला पहनने के लाभ
श्यामा तुलसी के बीजों की बनी माला पहनने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और मन सकारात्मकता बढ़ती है। तुलसी माला धारण करने से व्यक्ति के मन में भगवान के प्रति श्रद्धाभाव बढ़ता है। इससे न केवल आध्यात्मिक बल्कि पारिवारिक और आर्थिक लाभ भी प्राप्त होते हैं।
रामा तुलसी की माला पहनने के लाभ
रामा तुलसी की माला धारण करने से व्यक्ति में सात्विक भावनाएं जाग्रत होती हैं और उसके आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होती है। व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए अग्रसर होता है। तुलसी की माला पहनने से मन शांत रहता है।
तुलसी की माला धारण करने से शरीर में विद्युतशक्ति का प्रवाह बढ़ता है। जिससे रक्त परिसंचरण में रुकावट नहीं आती है। सफेद सूत के धागे में तुलसी की लकड़ी की माला बनाकर धारण करने से पीलिया रोग में लाभ मिलता है। तुलसी माला पहनने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है एवं शरीर और आत्मा निर्मल होती है।
तुलसी माला धारण करने के नियम
- तुलसी माला धारण करने से पहले उसे दूध और गंगाजल से धोकर मंदिर में रखें।
- अब भगवान श्री हरि विष्णु या कृष्ण जी की पूजा करने के बाद इसे धारण करें।
- तुलसी माला पहनने के बाद लहसुन प्याज का सेवन न करें।
- तुलसी माला के साथ कभी भी रूद्राक्ष की माला नहीं पहननी चाहिए।
- तुलसी माला धारण करने वालो को किसी भी प्रकार से मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
- तुलसी माला पहनकर शौचालय नहीं जाना चाहिए, इसके साथ ही तुलसी माला पहनकर प्रणय संबंध भी नहीं बनाने चाहिए।
- कभी भी गंदे हाथों से तुलसी की माला नहीं छूनी चाहिए।