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Shani Mahadasha: जब चल रही हो शनि महादशा, फिर बाकी ग्रहों की अंतर्दशा पर आप पर कैसा प्रभाव?

Sun, 21 Mar 2021 07:56 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महादशा की स्थिति में इसका कुंडली के अनुसार शुभ-अशुभ दोनों तरह का प्रभाव प्राप्त होता है।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की महादशा और अंतर्दशा किसी भी जातक की कुंडली में बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। महादशा का अर्थ होता है कि ऐसा समय जब सभी 9 ग्रहों में कोई विशेष ग्रह अपनी सबसे प्रबलतम अवस्था में हो। महादशा की स्थिति में इसका कुंडली के अनुसार शुभ-अशुभ दोनों तरह का प्रभाव प्राप्त होता है। आज हम आपको किसी की कुंडली में चल रही शनि के महादशा के दौरान बाकी दूसरे ग्रहों की अंतर्दशा चलने पर आपके ऊपर कैसा प्रभाव पड़ता है इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
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shanidev
शनि की महादशा के दौरान शनि की अंतर्दशा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि की महादशा को बहुत ही प्रभावी माना जाता है। शनि की महादशा जातक पर शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव रहता है, क्योंकि ज्योतिष में शनि को न्यायाधीश और दंडाघिकारी माना गया है। ये व्यक्ति को उनके कर्मो के आधार पर शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनि की महादशा कुंडली में 19 वर्षों तक रहती है। शनि की महादशा के दौरान शनि की अंतर्दशा 3 वर्ष की होती है। जातकों की कुंडली में एक समय में दोनों स्थानों पर शनि का होना मिलाजुला परिणाम देखने को मिलता है। इसमें जातक को जमीन से संबंधित मसलों में फायदा मिलता है। घर परिवार में सुख शांति रहती है। समाज में मान-सम्मान बढ़ता है। वहीं अगर अशुभ फल की बात करें तो  यह समय जातक के लिए नौकरी और बिजनेस के नजरिए से परेशानी भरा रहता है। सेहत में गिरावट भी देखने को मिलता है।
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chandra dev
शनि की महादशा के दौरान चंद्रमा की अंतर्दशा
शनि की महादशा के दौरान चंद्रमा की अंतर्दशा 1 साल 7 महीने की होती है। ऐसे में ज्योतिष के नजरिए से यह संयोग अशुभ फल देने वाला माना गया है। इस दौरान धन अधिक खर्च होता है। शत्रुओं की संख्या बढ़ने लगती है। वैवाहिक जीवन में तनाव और सेहत में गिरावट होती है।

 

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mangal dosha
शनि की महादशा के दौरान मंगल की अंतर्दशा
शनि की महादशा के दौरान मंगल की अंतर्दशा 1 साल 1 महीने और 9 दिनों की होती है। मंगल और शनि दोनों ही उग्र स्वभाव होने के कारण इसका प्रभाव जातकों पर भारी पड़ता है। ऐसे में इस दौरान जातकों का स्वभाव उग्र हो जाता है। गुस्सा अधिक आने के कारण परिवार के सदस्यों और बाहरी दुनिया के लोगों से तनाव व टकराहट बढ़ जाती है। करियर में गिरावट और परेशानियां बढ़ने लगती है।
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बुध ग्रह
शनि की महादशा के दौरान बुध की अंतर्दशा
शनि की महादशा चलने के दौरान बुध की अंतर्दशा 2 वर्ष 8 महीने और 9 दिनों की मानी गई है। ज्योतिष शास्त्र में बुध को शुभ फल देने वाला ग्रह माना गया है। ऐसे में बुध की अंतर्दशा के कारण शनि का जातक की कुंडली में नकारात्मक असर कम हो जाता है। जातक को इस दौरान धन लाभ और करियर में कई अच्छे मौके मिलने आरंभ हो जाते हैं। समाज में मान सम्मान बढ़ जाता है। इसके अलावा बुध का व्यापार में अच्छा प्रभाव देखने को मिलता है।
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jupiter
शनि की महादशा के दौरान गुरु की अंतर्दशा
शनि की महादशा चलने के मध्य गुरु की अंतर्दशा 2 साल 6 महीने और 12 दिनों की होती है। ज्योतिष में गुरु शुभ फल देने वाले ग्रह हैं। गुरु ज्ञान और आध्यात्म के कारक ग्रह हैं। ऐसे में यह जातकों को इस दौरान बहुत ही शुभ फल देते हैं। यह समय जातक के करियर और व्यापार में उन्हें नई ऊंचाईयां प्रदान करते है। परिवार में शांति और मन धर्म- कर्म में बहुत लगता है।
 
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venus planet
शनि की महादशा के दौरान शुक्र की अंतर्दशा
शनि की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा 3 वर्ष 2 महीने की होती है। ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, वैभव और वैवाहिक जीवन से जुड़ा माना गया है। शनि की महादशा और शुक्र की अंतर्दशा का संयोग शुभ माना गया है। ऐसे में एक बार फिर से अच्छे दिन लौटने शुरू हो जाते हैं। बिगड़े हुए काम बनने लगते हैं। करियर में चल रही रूकावट दूर होने लगती है और विवाह के योग बनने आरंभ हो जाते हैं।

 

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भगवान सूर्य - फोटो : Social media
शनि की महादशा के दौरान सूर्य की अंतर्दशा
शनि की महादशा के दौरान सूर्य की अंतर्दशा 11 महीने और 12 दिनों की होती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि और सूर्य के दूसरे के प्रति परस्पर बैर भाव रखते हैं। इन दोनों ग्रहों में शत्रुता का भाव होने के कारण शनि की महादशा के दौरान सूर्य की अंतर्दशा अशुभ फल देना वाला होता है जिस कारण से जातक को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिवार से संबंधित परेशानियों में इजाफा होने लगता है। पिता और संतान के बीच मतभेद पैदा होना लगता है। इस दौरान तमाम तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आना प्रारंभ हो जाती है।
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शनि की महादशा के दौरान राहु की अंतर्दशा
शनि की महादशा में राहु की अंतर्दशा 2 वर्ष 10 महीने और 6 दिनों की होती है। राहु को पापी ग्रह माना गया है, ऐसे में जातकों का संघर्ष बढ़ जाता है। किसी भी काम में सफलता आसानी से नहीं मिलती। व्यक्ति धन की कमी से परेशान होने लगता है।
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