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रत्न ज्योतिष: जानिए शनिदेव के रत्न नीलम के फायदे-नुकसान और पहनने पर शुभ-अशुभ संकेत

Sun, 29 Nov 2020 11:29 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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नीलम रत्न को पहनने के नियम - फोटो : अमर उजाला
रत्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी प्रमुख 9 रत्नों में से एक नीलम को खास रत्न माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक नियमित अंतराल में सभी ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते रहते हैं। ग्रहों की चाल में परिवर्तन से इसका प्रभाव जातकों के जीवन पर समय-समय पर पड़ता रहता है।  जब किसी की कुंडली में कोई ग्रह प्रतिकूल प्रभाव होता हैं तो उस व्यक्ति को तरह- तरह की परेशानियां जैसे बीमारियां, धन हानि, मानसिक अशान्ति, असफलता और पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ने लगता है।। ज्योतिष में ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम करने और उसको अपने पक्ष में करने के लिए कई रत्नों को धारण करने की सलाह दी जाती है। इन्हीं रत्नों में एक रत्न होता है नीलम। आइए जानते हैं नीलम रत्न को पहनने के फायदे और नुकसान....
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neelam - फोटो : Social media
ज्योतिष में नीलम रत्न का महत्व
ज्योतिशास्त्र के अनुसार नीलम रत्न का संबंध शनि से होता है। शनिदेव का प्रिय रत्न नीलम को हर कोई व्यक्ति ऐसे ही नहीं पहन सकता। ज्योतिशास्त्र के अनुसार, नीलम जब किसी व्यक्ति को सकारात्मक परिणाम देता है तो कुछ ही दिनों में उस व्यक्ति के अच्छे दिन शुरू होने लगता है। वहीं दूसरी तरफ अगर बुरा प्रभाव देने पर आए तो व्यक्ति को भिखारी भी बना देता है। इसलिए नीलम रत्न बहुत ही जांच परख कर धारण किया जाना चाहिए है। आइए जानते हैं नीलम रत्न के बारे में कुछ महत्वपूर्ण ज्योतिषी तथ्य...
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neelam - फोटो : अमर उजाला
1- नीलम रत्न का प्रभाव बहुत ही तेजी से दिखता है। अगर यह रत्न आपके लिए अनुकूल नही हैं तो आंखों में तकलीफ महसूस होने लगती है।
2 - अगर किसी जातक के नीलम पहनने पर उसके जीवन में दुर्घटनाएं और शारीरिक कष्ट बढ़ने लगे तो समझिए यह रत्न आपके लिए शुभ नहीं है।
 

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3 - नीलम के शुभ नहीं होने पर जो व्यक्ति इसको धारण करता है उसे फौरन ही आर्थिक नुकसान होने लगता है।
4- नीलम अगर अनुकूल नहीं है तो बुरे और डरावने सपने आने शुरू हो जाते हैं।
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5 - नीलम के अनुकूल और शुभ होने पर इसे धारण करते ही शुभ फल मिलना आरंभ हो जाता है। सबसे पहले तो स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी चल रही है तो उससे राहत मिलनी शुरू हो जाती है।
6 - नीलम शुभ होने पर व्यक्ति को आर्थिक लाभ मिलने के साथ नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के संकेत भी दिखाई देने लगते हैं।
 
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7 - नीलम धारण करने के बाद आपके साथ कुछ अशुभ घटना न हो तब यह समझना चाहिए कि आपके लिए यह रत्न शुभ है।

8 - जन्म कुंडली में शनि की महादशा विपरीत हो तो उसके लिए नीलम बेहद शुभ होता है। नीलम पहनते ही कमजोर शनि का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
 
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9- नीलम रत्न पहने पर मन की एकाग्रता बढ़ने लगती है जिस कारण से कार्यकुशलता में वृद्धि होने लगती है।

10 - जिन जातकों का जन्म वृष लग्न और तुला लग्न में होता है उनके लिए नीलम राजयोग की कारक होता है।
 

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गंगाजल - फोटो : अमर उजाला
11- नीलम को कभी भी तुरंत नहीं पहनना चाहिए। नीलम को धारण करने से पहले उसका परिक्षण करके देखा जाता है कि पहनने वाले व्यक्ति के लिए यह अनुकूल है या नहीं।

12- नीलम रत्न को घर पर लाने के बाद उसे गंगाजल से भरे किसी पात्र में रख देना चाहिए और शनिवार के दिन धारण कर इसके प्रभाव के बारे में ध्यान से देखना चाहिए। 
 
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13- नीलम को शनिवार के दिन दाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण किया जाना चाहिए।

14- नीलम रत्न को पहनने से पहले किसी अच्छे ज्योतिष से अपनी कुंडली दिखाकर सलाह जरूर लेनी चाहिए। 
 
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