भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। हर कार्य का आरंभ न्हीं की पूजा-अर्चना से किया जाता है। जिस कार्य का आरंभ गणेश जी की पूजा से किया जाता है, वह बिना किसी विघ्न बाधा के पूर्ण हो जाता है। भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना गया है। जहां भी भगवान गणेश विराजते हैं, वहीं मां लक्ष्मी का भी वास होता है, क्योंकि लक्ष्मी को वही संभाल सकता है, जिसके पास बुद्धि होती है। गणेश जी के साथ रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ भी आपके घर में वास करते हैं। जिससे आपको सुख-समृद्धि, आनंद और बुद्धि, विवेक की प्राप्ति होती है। गणपति देव की पूजा अर्चना से बड़े से बड़ा संकट भी टल जाता है। गणेश जी की पूजा करते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है। आपके द्वारा की गई गलतियों के कारण आपको समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।