फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandrama aur Jyotish: कुंडली में चन्द्रमा की स्थिति डालती है पति-पत्नी के रिश्तों पर प्रभाव

Wed, 23 Aug 2023 11:58 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Chandrama impact on Married Life
Chandrama impact on Married Life: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का महत्वपूर्ण स्थान है।  चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। चंद्रमा हमारे मन, भावनाओं, स्वभाव, स्वास्थ्य और मातृत्व से जुड़े पहलुओं का प्रतिनिधित्व करता है। मन और भावनाओं के साथ सीधे संबंधित होने के कारण चंद्रमा हमारे दैनिक जीवन, हमारी मनोवृत्ति और हमारी आत्मिक स्थिति पर बहुत ही गहरा प्रभाव डालती है। व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा शुभ स्थिति में होने पर यह स्वस्थ सकारात्मक भावनाओं के साथ सुख, समृद्धि, संतान सुख, आराम और स्वास्थ्य में सुधार का कारक होता है। वैवाहिक जीवन को चंद्रमा विशेष रूप से प्रभावित करता है। कुंडली में इसकी स्थिति के अनुसार व्यक्ति जीवनसाथी के साथ संबंधों की सभी प्रकार की स्थिति स्पष्ट करता है। आइए जानते हैं वैवाहिक जीवन को चन्द्रमा कैसे प्रभावित करता है।
Chandra Dosh: गणेश जी ने चंद्रमा को दिया था श्राप, जिससे चंद्र देव ने खो दी अपनी चांदनी
Origin Of Moon: चंद्रमा की उत्पत्ति कैसे हुई, क्या कहते हैं पुराण? जानें उनके जन्म से जुड़ी यह पौराणिक कथा
Chandrama aur Jyotish: विवाह में चंद्रमा का महत्व, जानें कुंडली मिलान में क्या है इसकी भूमिका
Chandrama Effects: मानसिक बीमारियों का कारक होता है चंद्रमा, जानिए क्या है इसका मन से संबंध और प्रभाव
विज्ञापन

2 of 6
Chandrama impact on Married Life
  • यदि जन्मकुंडली में शनि बलवान हो और चन्द्रमा पर उसकी दृष्टि पड़ रही हो या शनि के साथ चन्द्रमा बैठा हो तब व्यक्ति की शादी देर से होती है। कुंडली में इसी प्रकार की स्थिति वाले व्यक्ति शक के कारण अपना वैवाहिक जीवन भी नष्ट कर लेते हैं। 
विज्ञापन

3 of 6
Chandrama impact on Married Life
  • मकर या कुंभ में चन्द्रमा कुंडली के सातवें घर में होने पर व्यक्ति के जीवनसाथी का संबंध किसी अन्य के साथ भी हो सकता है। इसकी वजह है कि चन्द्र और शनि के बीच शत्रु संबंध होता है। इनमें कुंभ राशि का चन्द्रमा वैवाहिक संबंध में दूरियां बढ़ाने का भी काम करता है।
     

4 of 6
Chandrama impact on Married Life - फोटो : istock
  • वृषभ या तुला में अगर चन्द्रमा 12वें घर में बैठा हो तब व्यक्ति का स्वभाव उग्र होता है। ऐसे व्यक्तियों में बहुत अधिक काम भाव होता है अगर जन्मपत्री में शुभ ग्रहों का प्रभाव नहीं हो तब व्यक्ति को अपने जीवनसाथी से संतुष्टि नहीं मिलती है।
विज्ञापन

5 of 6
Chandrama impact on Married Life
  • यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के छठे भाव में राहु के साथ चन्द्रमा बैठा हो तो उसका संबंध किसी धनवान व्यक्ति से होता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Chandrama impact on Married Life
  • मेष या वृश्चिक में चन्द्रमा सातवें घर में बैठा होने पर व्यक्ति का जीवनसाथी के साथ ठीक तालमेल नहीं बन पाता है जिससे तनाव बना रहता है। वृश्चिक राशि में चन्द्रमा नीच का होकर व्यक्ति को शंकालु बना देता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें