कुंडली मिलान में चंद्रमा की भूमिका
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कैसे किया जाता है चंद्रमा के आधार पर कुंडली मिलान
चंद्रमा के स्थान की स्थिति के आधार पर वर-वधु की कुंडली का मिलान किया जाता है। जैसे यदि दूल्हे का चंद्रमा वधू से 2, 3, 4, 5, 6 स्थान पर हो तो जोड़ी ख़राब मानी जाती है। वही यदि चंद्रमा की स्थिति 7 और 12 में हो तो यह एक शुभ मेल का संकेत देती है । दूसरी ओर वधु की चंद्रमा की स्थिति वर की चंद्रमा की स्थिति से अच्छे मेल का संकेत देते हैं। वधू की चन्द्रमा की स्थिति वर की चन्द्रमा से 12वें स्थान में हो तो यह मिलान अच्छा नहीं माना जाता। वही 2, 3, 4, 5, 6 , 7 स्थान अच्छे माने जाते हैं।