यदि जन्मकुंडली में शनि बलवान हो और चन्द्रमा पर उसकी दृष्टि पड़ रही हो या शनि के साथ चन्द्रमा बैठा हो तब व्यक्ति की शादी देर से होती है। कुंडली में इसी प्रकार की स्थिति वाले व्यक्ति शक के कारण अपना वैवाहिक जीवन भी नष्ट कर लेते हैं।
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Chandrama impact on Married Life
मकर या कुंभ में चन्द्रमा कुंडली के सातवें घर में होने पर व्यक्ति के जीवनसाथी का संबंध किसी अन्य के साथ भी हो सकता है। इसकी वजह है कि चन्द्र और शनि के बीच शत्रु संबंध होता है। इनमें कुंभ राशि का चन्द्रमा वैवाहिक संबंध में दूरियां बढ़ाने का भी काम करता है।
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- फोटो : istock
वृषभ या तुला में अगर चन्द्रमा 12वें घर में बैठा हो तब व्यक्ति का स्वभाव उग्र होता है। ऐसे व्यक्तियों में बहुत अधिक काम भाव होता है अगर जन्मपत्री में शुभ ग्रहों का प्रभाव नहीं हो तब व्यक्ति को अपने जीवनसाथी से संतुष्टि नहीं मिलती है।
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यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के छठे भाव में राहु के साथ चन्द्रमा बैठा हो तो उसका संबंध किसी धनवान व्यक्ति से होता है।
मेष या वृश्चिक में चन्द्रमा सातवें घर में बैठा होने पर व्यक्ति का जीवनसाथी के साथ ठीक तालमेल नहीं बन पाता है जिससे तनाव बना रहता है। वृश्चिक राशि में चन्द्रमा नीच का होकर व्यक्ति को शंकालु बना देता है।