फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rahu Ketu Transit 2019 : सरल उपायों से दूर करें राहु की रुकावट और केतु के कष्ट

Thu, 07 Mar 2019 12:12 PM IST
Madhukar Mishra पं. राजेश तिवारी, ज्योतिषविद्
विज्ञापन
1 of 3
राहु-केतु राशि परिवर्तन 2019
साल 2019 का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन आज 7 मार्च 2019, गुरुवार, को प्रात: 7:54 मिनट पर हुआ। पापाग्रह के नाम से पहचाना जाने वाला राहु नामक छाया ग्रह कर्क राशि से मिथुन राशि में और केतु जो विवेकशून्य अर्थात् मस्तिष्कहीन ग्रह के नाम से जाना जाता है, वह धनु राशि में प्रवेश करेगा। ये दोनों छाया ग्रह एक राशि में 18 माह तक भोग करते हैं। नतीजतन इसका प्रभाव व्यक्ति विशेष पर लंबे समय तक पड़ता है। 

भारतीय ज्योतिष के अनुसार राहु-केतु के इस राशि परिवर्तन का 12 राशियों पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा। राहु नामक छाया ग्रह अत्यंत बलवती पापाग्रह के नाम से जाना जाता है। जिसके फलस्वरूप गोचर में राशि से तृतीय अर्थात् मेष राशि, छठे यानी मकर राशि एवं एकादश अर्थात् सिंह राशि के लिए सभी तरफ से सफलता दिलाते हुए प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा तो वहीं मीन, वृश्चिक एवं कर्क राशियों के लिए अत्यंत नकारात्मक फल प्रदान करने वाला कहा जाएगा। 

Rahu Ketu Transit 2019 : राहु-केतु के राशि परिवर्तन के बाद इन राशियों को 18 महीने रहना होगा सावधान

जिन राशियों के लिए राहु-केतु का राशि परिवर्तन अत्यंत कष्ट कारक है, वे इन सनातनी उपायों को करके चमत्कारी लाभ प्राप्त करते हुए इन दोनों छाया ग्रहों के दुष्प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

राहु-केतु के सरल-सहज उपायों को देखने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें — 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 3
राहु-केतु राशि परिवर्तन 2019
राहु के विपरीत परिणाम से बचने का उपाय

— प्रत्येक शनिवार एवं बुधवार को भगवाान भैरव का दर्शन एवं त्रयोदशी के दिन रुद्राभिषेक। 

— शनिवार के दिन भगवान भैरव का दर्शन एवं भैरवाष्टक का पाठ। 

— 'ॐ रां राहवे नम:' का प्रत्येक शाम एक माला जप करें। 

— शनिवार के दिन काला कंबल का दान करें। 

— कुत्ते को रोटी, चिड़िया को दाना और ब्राह्मण को भोजन खिलाएं। 

— लोहे का दान करने से निश्चित रूप से राहु के कष्ट दूर होंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
राहु-केतु राशि परिवर्तन 2019
केतु के कष्ट को दूर करने का चमत्कारी उपाय

केतु की प्रतिकूल अवस्था में  अत्यंत नकारात्मक प्रभाव से बचाव के लिए यद्यपि शास्त्रों में नाना प्रकार के उपाय बताए गए हैं लेकिन निम्न अनुभूत उपायों के द्वारा न केवल केतु के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है अपितु बहुत हद तक केतु की नकारात्मकता को न्यून किया जा सकता है। 

व्यावसायिक हानि दूर करने के उपाय

अचानक आपके रोजी-रोजगार अथवा व्यवसाय में यदि बाधा आ रही है तो भगवान शिव के सहस्त्रनाम का 11000 पाठ कराकर निम्न मंत्र से हवन कराएं —

''पलाशं पुष्प संकाशं तारकाग्रहमस्तकं। 
रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहं।। ''


शारीरिक कष्ट दूर करने का उपाय

यदि केतु की प्रतिकूल अवस्था के कारण आपको बार-बार दुर्घटना अथवा कोई बीमारी कष्ट का कारण बन रही है तो निम्न उपाय करें — 

— प्रत्येक त्रयोदशी अथवा सोमवार को रोग की पीड़ो के अनुसार कुश के जल से रुद्राभिषेक कराएं तथा घर के दक्षिण एवं पश्चिम भाग में कुश का वृक्ष आरोपित कर दें एवं दैनिक रूप में कुश के पानी से भगवान शिव का अभिषेक करें।
 
— 'ॐ कें केतवे नम:' का प्रत्येक शाम को एक माला जप करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें