फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां लक्ष्मी के साथ है इस शंख का खास संबंध, पूजा घर में रखने से होती है खूब तरक्की

Mon, 12 Jul 2021 03:26 PM IST
संकल्प सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
शंख - फोटो : Pixabay
हिंदू संस्कृति में शंख का विशेष महत्व है। पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार शंख दुख और दरिद्रता को दूर करता है। हमारे यहां पर जितनी भी पूजा होती है, उसके बाद शंख को जरूर बजाया जाता है। इसके बजाने से पूजा सफल मानी जाती है। समुद्र मंथन के दौरान कुल 14 रत्न बाहर निकले थे, जिसमें से एक शंख भी था। धर्म ग्रंथों के अनुसार माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों को ही शंख काफी ज्यादा प्रिय है। मान्यता कहती है कि शंख माता लक्ष्मी का भाई है क्योंकि दोनों का ही प्रादुर्भाव समुद्र मंथन के दौरान ही हुआ था। आपने सत्यनारायण की कथा तो जरूर सुनी होगी। इस कथा के बाद शंख को जरूर बजाया जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार जिस घर में दक्षिणावर्ती शंख रहता है, उस घर में मां लक्ष्मी का निवास होता है। ऐसे में अगर दक्षिणावर्ती शंख को विधि विधान से स्थापित किया जाए तो मां लक्ष्मी की विशेष कृपा घर में होती है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
अगर दक्षिणावर्ती शंख को अपने व्यापारिक स्थल पर भगवान विष्णु की तस्वीर के नीचे रखा जाए तो व्यापार में खूब सारा लाभ होता है। इसके अलावा शंख में गंगाजल भरकर उसको पूरे कार्यालय में छिड़कना चाहिए। इससे व्यवसाय में आने वाली कई दिक्कतें दूर हो जाती है।
विज्ञापन

3 of 5
शंख - फोटो : social media
मान्यता है कि अगर शीशे के बने कटोरे में मोती शंख को रखा जाए तो इससे दांपत्य जीवन में आने वाली अड़चन दूर हो जाती हैं। पति-पत्नी के बीच का रिश्ता काफी मधुर होता है और दोनों को एक दूसरे का सहयोग मिलता है।  

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
अगर तुलसी के जरिए शंख की पूजा की जाए तो घर के भीतर से क्लेश खत्म हो जाता है। दुख और दरिद्रता दूर होती है। मां लक्ष्मी का निवास घर में होता है और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
शंख बजाने से धार्मिक और आर्थिक लाभ तो होता ही है। इसके अलावा कई शारीरिक लाभ भी मिलता है। इसे नियमित बजाने से योग की तीन क्रियाएं (पूरक, कुंभक और प्राणायाम) पूरी होती हैं। अगर आपका विदेश जाने का सपना है और वह पूरा नहीं हो पा रहा है तो ऐसे में आपको अपनी माता के हाथ से चावल भरा दक्षिणावर्ती शंख को लेकर उसे उस जगह पर रखना चाहिए, जहां पर विदेश संबंधी कागजात रखें हो। इससे विदेश जाने के रास्ते में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें