हिंदू संस्कृति में शंख का विशेष महत्व है। पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार शंख दुख और दरिद्रता को दूर करता है। हमारे यहां पर जितनी भी पूजा होती है, उसके बाद शंख को जरूर बजाया जाता है। इसके बजाने से पूजा सफल मानी जाती है। समुद्र मंथन के दौरान कुल 14 रत्न बाहर निकले थे, जिसमें से एक शंख भी था। धर्म ग्रंथों के अनुसार माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों को ही शंख काफी ज्यादा प्रिय है। मान्यता कहती है कि शंख माता लक्ष्मी का भाई है क्योंकि दोनों का ही प्रादुर्भाव समुद्र मंथन के दौरान ही हुआ था। आपने सत्यनारायण की कथा तो जरूर सुनी होगी। इस कथा के बाद शंख को जरूर बजाया जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार जिस घर में दक्षिणावर्ती शंख रहता है, उस घर में मां लक्ष्मी का निवास होता है। ऐसे में अगर दक्षिणावर्ती शंख को विधि विधान से स्थापित किया जाए तो मां लक्ष्मी की विशेष कृपा घर में होती है।