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इन लोगों को नहीं पहनना चाहिए नीलम, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

Thu, 29 Apr 2021 09:08 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
ज्योतिष में नीलम रत्न को बहुत ही ताकतवर और प्रभावशाली माना जाता है लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है कि बिना मेहनत किए आपको सबकुछ प्राप्त हो जाएगा। कुछ भी प्राप्त करने के लिए परिश्रम भी अति आवश्यक है। नीलम रत्न शनि से संबंधित होता है। मेहनत करने वालों के लिए यह बहुत शुभफलदायक रहता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह रत्न राजा को रंक और रंक को राजा बनाने की ताकत रखता है। यही कारण है कि इस रत्न को धारण करते समय भलिभांति जानकारी ले लेनी चाहिए और पूरी सतर्कता के साथ ही नीलम धारण करना चाहिए। जहां कुछ लोगों के लिए नीलम बहुत लाभकारी सिद्धि होता है तो कुछ लोगों के लिए यह नुकसानदायक भी हो सकता है। तो चलिए जानते हैं कि किन राशि वालों और किन लोगों को नीलम धारण करना लाभप्रद रहता है और किन्हें नीलम धारण करने से बचना चाहिए।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
कौन सी राशि के लोगों को नीलम नहीं पहनना चाहिए
ज्योतिष के अनुसार मेष राशि, कर्क राशि, सिंह राशि, वृश्चिक राशि, धनु राशि और मीन राशि के जातकों को नीलम रत्न धारण नहीं करना चाहिए। इस राशि के जातक यदि नीलम धारण करते हैं तो उनके पारिवारिक जीवन में अशांति आने लगती है और आर्थिक समस्याएं भी होने लगती हैं क्योंकि इन राशियों के स्वामी ग्रहों का शनि से शत्रु भाव है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
कौन सी राशि के लोगों के लिए शुभ है नीलम 
शनि से मैत्री भाव रखने वाले ग्रहों की स्वामित्व वाली राशियां जैसे, मिथुन राशि, कन्या राशि, तुला राशि, के जातकों के लिए नीलम रत्न धारण करना सही रहता है। मकर राशि और कुंभ राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं इसलिए इनको नीलम धारण करने से विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है। नीलम बहुत ही प्रभावशाली होता है इसे धारण करने से व्यक्ति अपने जीवन में खूब तरक्की और उपलब्धियां हासिल करता है। नीलम धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिष से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी की कुंडली शनि, राहु और शनि, मंगल छठवें, आठवें और बारहवें स्थान पर स्थित हों तो उस व्यक्ति को नीलम रत्न धारण नहीं करना चाहिए। यदि कुंडली में शनि मेष राशि में हो नीलम धारण किया जा सकता है। इसी तरह यदि शनि और सूर्य की युति बनी हुआ है तो भी नीलम धारण कर सकते हैं। यदि ढैय्या, साढ़ेसाती, शनि की दशा और वक्र दृष्टि अथवा नीच भाव में है तो नीलम रत्न धारण किया जा सकता है। नीलम आपको शनि के दुष्प्रभावों से मुक्ति दिलाता है लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि नीलम धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिष से सलाह अवश्य लें। यदि नीलम को बिना जानकारी के धारण किया जाए तो कई बार इसका अशुभ परिणाम भी हो सकता है।
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