शादी योग्य जातकों के विवाह में देरी, या किसी कारण से उसकी शादी न होना, माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता होती है। वास्तविकता ये है कि यदि वह बेटी है तो मां-बाप को उसकी कुछ ज्यादा ही चिंता रहती है। बेटी के विवाह को लेकर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। योग्य वर के लिए कभी लड़का पसंद नहीं आता तो कभी दोनों की कुंडली मिलान नहीं हो पाती। इस कारण से विवाह में देरी होने लगती है। इसके अलावा भी ज्योतिष में विवाह में देरी के कई कारण बताए गए हैं। आइए जानते हैं क्या है विवाह में देरी कारण और क्या हैं इसके निवारण हेतु ज्योतिषीय उपाय।