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घर की तरक्की और संतान की खुशहाली के लिए गुरुवार के दिन भूलकर भी न करें ये चीजें

Thu, 13 Aug 2020 05:22 AM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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बृहस्पति देव - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति जी का होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं। ये ज्ञान, नैतिक और धार्मिक कर्म, संतान, वृद्धि के कारक हैं। देवगुरु का आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन केले के वृक्ष की पूजा होती है। साथ ही लोग इस दिन भगवान विष्णु जी की आराधना करते हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार के दिन कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें करने से देवगुरु बृहस्पति कमजोर होते हैं। ये कार्य इस प्रकार हैं - 
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hair cutting - फोटो : pixa
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ज्योतिष में बृहस्पति को महिलाओं की कुंडली में पति और संतान का कारक माना जाता है। माना जाता है कि गुरुवार को महिलाओं को अपना सिर नहीं धोना चाहिए। इसके साथ ही न तो उनको इस दिन अपने बाल कटवाने चाहिए। अगर वे ऐसा करती हैं तो इससे उनकी जन्मकुंडली में बृहस्पति कमजोर होता है जिससे उनके दांपत्य जीवन में परेशानी आती है। पति व संतान की उन्नति भी रुक जाती है।
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नाखून - फोटो : getty images
गुरुवार के दिन नाखून नहीं काटने चाहिए और न ही दाड़ी बनानी या बनवानी चाहिए। क्योंकि शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि जो व्यक्ति ऐसा करता है तो वह देवगुरू बृहस्पति अशुभ फल प्राप्त होते हैं। व्यक्ति की आयु पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है।

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केले - फोटो : getty images
गुरुवार के दिन केले के फल का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन केले के वृक्ष की पूजा होती है। इसके साथ ही बृहस्पतिवार के दिन घर में अधिक वजन वाले कपड़ों को धोने, कबाड़ घर से बाहर निकालने, घर को धोने या पोछा लगाने से बच्चों, पुत्रों, घर के सदस्यों की शिक्षा, धर्म आदि पर शुभ प्रभाव में कमी आती है।
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दीपक - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को केले के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करना चाहिए और शुद्ध घी का दीपक जलाकर गुरु के 108 नामों का उच्चारण करना चाहिए ऐसा करने से जल्दी ही जीवनसाथी की तलाश जल्द पूर्ण होती है। विवाह में आ रही अड़चने दूर होती हैं।
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पीले वस्त्र
बृहस्पति देव को पीला रंग अतिप्रिय है। वे पीले रंग का पीतांबर धारण करते हैं। इसलिए इनकी पूजा में हल्दी का उपयोग किया जाता है। गुरुवार के दिन केसर पीला चंदन या फिर हल्दी का दान करना बहुत शुभ होता है। इससे घर में सुख-शांति आती है और आरोग्यता मिलती है।
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