फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

4 जून की रात से लग जाएगा अग्नि पंचक, आने वाले 5 दिनों तक बरतें ये सावधानियां

Mon, 04 Jun 2018 11:53 AM IST
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 3
ज्योतिष में बहुत सारे ऐसे मुहूर्त और नक्षत्र होते हैं जिन्हें अशुभ माना जाता है। इन्हीं में एक होता है पंचक, शास्त्रों में पंचक लगने के दौरान बहुत से शुभ काम करने की मनाही होती है। इस बार 4 जून की रात 1 बजकर 33 मिनट से पंचक शुरू होगा जो 9 जून की शाम तक रहेगा।  में कई नक्षत्र आते हैं जैसे धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा और रेवती नक्षत्र आते हैं। जो पंचक मंगलवार के दिन आता है उसे अग्नि पंचक कहते हैं। अग्नि पंचक के दौरान आग से होने वाले नुकसान की संभावना ज्यादा रहती है। पंचक 5 तरह के होते हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 3
-अगर पंचक का प्रारंभ रविवार से होता है तो उसे रोग पंचक कहा जाता है। वहीं सोमवार से शुरू हुआ पंचक राज पंचक कहलाता है।
-जो पंचक मंगलवार को शुरू हो उसे अग्नि पंचक कहते हैं इस दौरान आग लगने का भय ज्याद रहता है।अग्नि पंचक औजारों की खरीदारी, निर्माण या मशीनरी का कार्य नहीं करना चाहिए। 
-इसके अलावा मृत्यु पंचक और चोर पंचक होता है। मृत्यु पंचक शनिवार और चोर पंचक शुक्रवार को होता है। दोनो काफी घातक और अशुभ पंचक माने जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
पंचक में भूलकर ना करें ये काम
 -पंचक में चारपाई बनवाना अच्छा नहीं माना जाता। ऐसा करने से कोई बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
- पंचक के दौरान जिस समय घनिष्ठा नक्षत्र हो उस समय घास, लकड़ी आदि जलने वाली वस्तुएं इकट्ठी नहीं करना चाहिए, इससे आग लगने का भय रहता है।
- पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नही करनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा, यम की दिशा मानी गई है।
- पंचक के दौरान जब रेवती नक्षत्र चल रहा हो, उस समय घर की छत नहीं बनाना चाहिए।
- पंचक में शव का अंतिम संस्कार करने से पहले किसी योग्य पंडित की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। यदि ऐसा न हो पाए तो शव के साथ पांच पुतले आटे या कुश  से बनाकर अर्थी पर रखना चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें