ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक कुंडली में कई तरह के योग बनते हैं जो व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन लाते हैं। कुंडली में शुभ व अशुभ दोनों तरह के योगों का निर्माण होता है। कुछ योग राजयोग कहलाते है जो जातक के जीवन में सफलता और खुशियां लाते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली में अशुभ योग भी बनते हैं जिससे परेशानियां, बीमारियां और असफलता प्राप्त होती है। जब ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा योग बनता है जिसमें कुछ शुभ और अशुभ योग होता है। वैदिक ज्योतिष में ऐसे पांच सबसे खतरनाक योग बनते है जो व्यक्ति के जीवन में परेशानियां ही परेशानियां लाते हैं। इन्हीं अशुभ योगों में एक अंगारक दोष होता है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में अंगारक दोष का निर्माण उस स्थिति में होता है जब एक ही भाव में मंगल ग्रह और राहु-केतु आ जाते हैं। इस योग के प्रभाव से जातकों के स्वभाव में परिवर्तन दिखाई देने लगता है। व्यक्ति के मस्तिष्क में गुस्से का भाव ज्यादा आ जाता है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है। आइए जानते हैं राहु और अन्य ग्रहों के साथ जब जब युति बनाता है तब-तब इसका व्यापक असर पड़ता है। आइए जानते हैं राहु और अन्य ग्रहों के साथ जब जब युति बनाता है तब-तब इसका व्यापक असर पड़ता है।
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पूर्णिमा का चांद
- फोटो : @pixabay
राहु और चंद्रमा
जब राहु और चंद्रमा की युति बनती है तो उस योग के कारण व्यक्ति को मानसिक परेशानियां आने लगती है। इस युति से जिन जातकों की कुंडली में असर होता है उसका प्रभाव पड़ता है।
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राहु और सूर्य
जब कुंडली में राहु और सूर्य का योग बनता है तब इस योग का प्रभाव नकारात्मक रहता है। सूर्य और राहु की युति से पिता और पुत्र में विवाद पैदा होने लगता है। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान राहु सूर्य को ग्रास करता है।
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मंगल ग्रह
- फोटो : Pixabay
राहु और मंगल
ज्योतिष के अनुसार जब-जब राहु और मंगल की युति होती है तब अंगारक योग का निर्माण होता है। इस योग के निर्माण से प्रभावित जातकों को खून से संबंधित परेशानियां बढ़ जाती है। यह योग भाई के लिए अशुभ रहता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
राहु और बुध
जब-जब राहु और बुध की युति होती है तब व्यक्ति को सिर से संबंधित बीमारियां होने लगती है।
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बृहस्पति और शनि
राहु और गुरु
राहु और गुरु का योग शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव रहता है। जब भी राहु और गुरु की युति बनती है तब ऐसे व्यक्ति की आयु लंबी होती है। लेकिन समय समय पर जीवन में छोटी-छोटी परेशानियां बनी रहती है।
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शुक्र ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
राहु और शुक्र
जब भी राहु की युति शुक्र ग्रह के साथ बनती है तब शुक्र का शुभ प्रभाव राहु के कारण समाप्त हो जाता है। शुक्र ग्रह के साथ युति होने पर व्यक्ति गलत संगति का शिकार बन जाता है।
राहु और शनि
जब राहु और शनि का योग बनता है तब व्यक्ति बहुत ही रहस्यमयी हो जाता है। जिन व्यक्तियों की कुंडली में राहु और शनि की युति बन जाती है तब ऐसा व्यक्ति गलत तरीके से पैसे कमाना शुरू कर देता है।