अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि बलवा और तोड़फोड़ की घटनाओंं के सिलसिले में प्रदेश भर में कुल 883 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें से 561 लोग जमानत पर बाहर आ चुके हैं। 322 लोग अब भी जेल में हैं, जबकि 111 लोगों की जमानत अर्जियां अदालतों में लंबित हैं।
पुलिस के खिलाफ शिकायत की हो रही जांच
याचिकाकर्ताओं की मुख्य शिकायत थी कि पूरी घटना में एक भी पुलिसकर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि घटना के सिलसिले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ आठ शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनको विवेचना का हिस्सा बनाया गया है। दो शिकायतें अदालतों में दाखिल की गईं। इस प्रकार से नागरिकों की ओर से पुलिस वालों के खिलाफ कुल दस शिकायतें प्राप्त हुईं जिनकी जांच की जा रही है।
घायल का क्योें नहीं लिया बयान
कोर्ट ने कानपुर के बाबू पुरवा में मोहम्मद कासिम को गोली मारे जाने के मामले में पूछा कि क्या घायल का किसी मजिस्ट्रेट द्वारा बयान लिया गया है या नहीं। इस पर सरकारी वकील का कहना था कि वह इस बारे में जानकारी लेकर शीघ्र ही न्यायालय को अवगत कराएंगे जबकि याची पक्ष के वकीलों का कहना था कि अब तक घायल का कोई बयान नहीं लिया गया है। कोर्ट ने पूछा कि अब तक बयान लेने के लिए किसी ने पहल क्यों नहीं की। एसआईटी जांच के बारे में भी जानकारी मांगी कि क्या कोई ऐसी अधिसूचना जारी की गई है। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि एसआईटी जांच के लिए शासन ने अधिसूचना जारी की थी