जैक्स कैलिस अपनी टीम के खेवनहार थे। टीम को उन्होंने कई बार संकट से बाहर निकाला। इसलिए जब वह अपने अंतिम टेस्ट मैच में बल्लेबाजी कर रहे थे तो न सिर्फ दर्शकों ने उनका उत्साहवर्धन किया बल्कि टीम के साथियों ने उनका खूब मान बढ़ाया।
इस बार भी टीम को संकट से बाहर निकालने के बाद 115 रनों की बेजोड़ पारी खेली। रवींद्र जडेजा ने विकेटकीपर धोनी के हाथों कैच आउट कराकर कैलिस को पवेलियन की राह दिखाई तो मैदान के बाहर दक्षिण अफ्रीकी टीम के कप्तान ग्रीम स्मिथ उनका इंतजार कर रहे थे।
बाउंड्री से बाहर निकलते ही स्मिथ ने कैलिस को चूमा और उनका बल्ला तथा हेलमेट खुद लेकर ड्रेसिंग रूम तक गए। इस दौरान दर्शकों ने करतल ध्वनि ने माहौल को और शानदार बना दिया था।
ब्रैडमैन, सचिन और लारा से आगे निकल गए कैलिस
जैक्स कैलिस ने जब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की तब से यह सवाल उठने लगा था कि क्या वह अपने अंतिम टेस्ट मैच में शतक लगा पाएंगे।
लेकिन आज उन्होंने 115 रनों की लाजवाब पारी खेलकर अपनी विदाई यादगार बना ली। दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में शुमार डॉन ब्रेडमैन (0), सचिन तेंदुलकर (74), राहुल द्रविड़ (1 और 25), रिकी पोंटिंग (4 और 8), ब्रायन लारा (0 और 49) और सुनील गावस्कर (21 और 96) जैसे दिग्गज भी अपने अंतिम टेस्ट मैच में शतक लगाने का कारनामा नहीं कर सके थे।
इस दिग्गज बल्लेबाज ने टेस्ट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में सचिन तेंदुलकर (51) के बाद अपना दूसरा स्थान और मजबूत कर लिया था। यह उनके करियर का 45वां शतक है।
जडेजा के 'छक्के' ने रच दिया इतिहास
रवींद्र जडेजा पिछले कुछ समय से आउट ऑफ फॉर्म थे और आलोचक टीम इंडिया में शामिल किए जाने पर उनकी आलोचना भी कर रहे थे।
लेकिन डरबन टेस्ट में उन्होंने गजब की गेंदबाजी कर अपनी क्षमता एक बार फिर साबित कर दी। पहली पारी में दक्षिण अफ्रीका के छह में से पांच विकेट तो उन्होंने ने ही झटके थे।
जडेजा दक्षिण अफ्रीका की धरती पर बतौर लेफ्ट ऑर्म फिरकी गेंदबाज पांच या पांच से ज्यादा विकेट लेने वाले भारत के पहले गेंदबाज बन गए हैं। इससे पहले वेंकटपति राजू ने 1992 में पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट में 73 रन देकर तीन विकेट झटके थे।
साथ ही वह भारत के ऐसे पहले फिरकी गेंदबाज बन गए हैं जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर पांच या पांच से ज्यादा विकेट चटकाए हैं।
स्टेन का विकेट बना 600वां विकेट
तेज गेंदबाज जहीर खान ने पिछले टेस्ट मैच में अपने करियर में 300 विकेट हासिल करने का कारनामा किया था।
लेकिन इस मैच में दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी में उन्होंने जब डेल स्टेन का विकेट चटकाया तो यह उनके लिए बेहद खास विकेट साबित हुआ। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 600वां विकेट था।
उन्होंने 200 वनडे मैच से 282 और 17 टी-20 मैचों से 17 विकेट झटके हैं। जबकि इस टेस्ट से पहले उन्होंने 89 मैचों से 300 विकेट हासिल किए थे। क्रिकेट के इन तीनों प्रारूपों को जोड़ने पर विकेटों का कुल योग 599 था जो स्टेन के विकेट के साथ 600 हो गया। इसके बाद उन्होंने रोबिन पीटरसन का भी विकेट लिया।
जडेजा ने अगले ही दिन पूरा किया अपना वादा
एक ही पारी में छह विकेट लेकर रवींद्र जडेजा ने आलोचकों को अपना जवाब दे दिया है। एक दिन पहले ही उन्होंने आलोचकों को जवाब देने की बात कही थी।
दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी में चार विकेट चटकाने वाले जडेजा ने खेल खत्म होने के बाद कहा था कि वह रविवार को पांच विकेट हासिल करेंगे और यह उनका अपने आलोचकों को जवाब होगा जो कहते थे कि मैं सिर्फ भारतीय उपमहाद्वीप की टर्निंग पिचों पर ही अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं।
जडेजा ने कहा, "आलोचक हमेशा कहते थे कि मैं बॉल को सिर्फ तब ही स्पिन करा सकता हूं जब मैं भारत में खेल रहा हूं। दक्षिण अफ्रीका आना और पांच विकेट चटकाना मेरा सपना था। मैं अभी चार विकेट हासिल कर चुका हूं और मुझे उम्मीद है कि मैं रविवार को एक और विकेट हासिल करूंगा जो मेरे आलोचकों को जवाब होगा कि मैं यहां भी बॉल स्पिन करा सकता हूं।"