फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'सिर्फ मां और पत्नी ही चाहते हैं कप्तान कुक को'

Thu, 24 Jul 2014 01:42 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
टीम इंडिया के हाथों लॉर्ड्स में मिली करारी हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम और उसके कप्तान एलिस्टर कुक की आलोचना तेज हो गई है।
विज्ञापन


हार के बाद मेजबान टीम के कई पूर्व क्रिकेटर और कप्तान तो सीरीज के बीच में ही कुक की बतौर कप्तानी बर्खास्तगी की मांग करने लगे हैं।

हालांकि कुछ ऐसे भी हैं जो कुक को कप्तानी पद पर बनाए रखने की वकालत कर रहे हैं। कुक ने खुद भी कप्तानी पद छोड़ने की किसी भी संभावना से इनकार किया है। कुक न सिर्फ कप्तानी में असफल रहे बल्कि बल्लेबाजी में कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं। वह भारत के खिलाफ जारी सीरीज में एक भी अर्धशतक अभी तक नहीं लगा सके हैं।

मां और पत्नी ही चाहते हैं कुक को

एलिस्टर कुक को हटाने की मुहिम में एक बड़ा नाम और जुड़ गया है। यह बड़ा नाम है ज्यॉफ बॉयकाट का। बॉयकाट क्रिकेट को लेकर तीखी टिप्पणी करने के लिए भी जाने जाते हैं।

इस पूर्व कप्तान ने कुक की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सिर्फ वह, पत्नी और उनकी मां ही चाहते हैं कि उनकी जगह टीम में बनी रहे। उन्होंने कहा, "केवल एलिस्टर कुक, उनकी पत्नी और परिवार वाले ही चाहते हैं कि वह कप्‍तान के रूप में बने रहे। इसके अलावा और कोई भी उन्हें नहीं चाहता।"

बॉयकाट कुक के प्रखर आलोचक माने जाते हैं। लेकिन अन्य पूर्व कप्तान माइकल वॉन और माइकल आर्थटन भी उनके बड़े प्रशंसक नहीं हैं।

इंग्लैंड ने कप्तान कुक को लेकर किया फैसला

हालांकि हर ओर हो रही आलोचनाओं से बेखबर इंग्लैंड के राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने शेष सीरीज के लिए एलिस्टर कुक की कप्तानी को कायम रखा जबकि विकेटकीपर जोस बटलर को तीसरे टेस्ट के लिए घोषित 13 सदस्यीय टीम में मैट प्रायर की जगह शामिल किया गया है।

प्रायर ने लार्ड्स टेस्ट की पराजय के बाद घोषणा की थी कि वह शेष सीरीज से हट रहे हैं। तीसरा टेस्ट साउथम्पटन में रविवार से खेला जाना है। भारत पांच मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है।

तीसरे टेस्ट के लिए टीम की घोषणा में विलंब से अटकलबाजियां लगायी जाने लगी थी कि कहीं कुक की कप्तानी की तो कोई खतरा नहीं। लेकिन इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की विज्ञप्ति में कोई आश्चर्य देखने को नहीं मिला। वैसे कुक खुद भी यह कह चुके थे कि उनका फिलहाल कप्तानी छोड़ने का कोई इरादा नहीं है।

जबकि वनडे टीम के विकेटकीपर जोस बटलर इस तरह अब तीसरे टेस्ट में अपना पदार्पण करेंगे। 23 साल के बटलर इंग्लैंड के लिए 33 वनडे और 36 ट्वंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। इंग्लैंड ने लेफ्ट ऑर्म स्पिनर साइमन कैरिगन को भी टीम से बाहर किया है जिन्हें लार्ड्स टेस्ट के लिए बुलाया गया था।

'अपने खेल का खुद आकलन करें खिलाड़ी'

भारत के खिलाफ 5 मैचों की मौजूदा टेस्ट सीरीज में टीम के सीनियर खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खफा इंग्लैंड के कोच पीटर मूर्स ने कहा कि सीरीज में वापसी के लिए सीनियर खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा।

उन्होंने कहा, "हम सभी को एक समय झटके की जरूरत होती है। अगर आपको लगता है कि खिलाड़ी मैदान पर अपना शत-प्रतिशत नहीं दे पा रहे हैं तो उन्हें आपको क्लास लगानी ही पड़ती है। अब सीनियरों को चाहिए कि वह खुद अपने खेल का आकलन करें और तय करें कि कैसे सीरीज में वापसी कर सकते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "उन्हें मैदान पर वैसा प्रदर्शन करके दिखाना होगा जैसा कि इंग्लैंड की टीम में बने रहने के लिए होना चाहिए।"

'खुद को बल्‍लेबाज के रूप में ढाले कुक'

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने कहा कि खराब दौर से गुजर रही इंग्लैंड को एलिस्टर कुक की जरूरत एक कप्तान नहीं बल्कि एक बल्लेबाज के रूप में है।

उन्होंने कहा, "अगर आप कप्तानी से थोडे़ समय के लिए हटना चाहते हैं तो आप वापसी नहीं कर सकते। अत: यह कुक के लिए करो या मरो की स्थिति है। मुझे लगता है कि काफी हद तक कुक जानते हैं कि इससे उनके क्रिकेट करियर पर काफी प्रभाव पड़ रहा है।"

वॉ ने कहा, "मुझे विश्वास है कि वह अब चयनकर्ताओं के साथ बैठेंगे और कुछ योजनाओं पर काम करेंगे। जैसे कि क्या इससे आपकी कप्तानी पर प्रभाव पड़ रहा है, क्या आप कप्तानी से थोडे़ समय के लिए हटना चाहते हो और क्या आपको बल्लेबाजी से कुछ समय के लिए ब्रेक लेने की जरूरत है। मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगता है कि इंग्लैंड को कुक के रूप में एक बल्लेबाज की अधिक जरूरत है।"
विज्ञापन

बिशन सिंह बेदी आए अश्विन के समर्थन में

दूसरी ओर, लॉर्ड्स पर दूसरे टेस्ट में मिली जीत से खुश भारत के पूर्व स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने कहा कि इंग्लैंड दौरे पर टीम में अब तक एक ही चीज की कमी खल रही है और वह है आर अश्विन का अंतिम एकादश में नहीं होना।

उन्होंने कहा, "अश्विन को शुरुआती दोनों मैचों में होना चाहिए था। यह स्टुअर्ट बिन्नी की गलती नहीं है कि उसे उतारा गया। अगर उसे दूसरी पारी में एक ओवर भी नहीं मिला तो उसको खिलाने का क्या फायदा।"

बेदी ने कहा, "हमेशा विजयी संयोजन की बात नहीं होती बल्कि एक इकाई के रूप में खेलना भी अहम होता है। आप अश्विन को उतार नहीं रहे और मुरली विजय से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करवा रहे हैं। दोनों टीमों ने इस दिशा में गलती की है।"
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें