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भुवी-इशांत की जोड़ी ने रचा टेस्ट क्रिकेट में इतिहास

Tue, 22 Jul 2014 03:20 PM IST
सुरेंद्र कुमार वर्मा
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टीम इंडिया के लिए क्रिकेट जगत में 28 का नंबर बेहद लकी बन गया है। भारत ने 28 साल बाद 2011 में वनडे का वर्ल्ड कप जीता था।
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और अब 28 साल बाद लॉर्ड्स में टीम इंडिया ने टेस्ट में जीत हासिल करने में कामयाबी पाई है। साथ ही विदेशी धरती पर लगातार हार का सामना करने वाली टीम इंडिया ने 1124 दिन के बाद विदेश में पहली जीत का स्वाद चखा है।

भारत की जीत में एक और दुर्लभ संयोग हुआ है और वह है कि भारत ने 1983 में वर्ल्ड कप जीतने के 3 साल बाद लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीता था, और 2011 में वर्ल्ड कप जीतने के 3 साल बाद फिर से लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतने का कारनमा कर दिखाया है।
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फिर भी सबसे फिसड्डी साबित हुए इशांत शर्मा

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर हुए मुकाबले में इंग्लैंड की दूसरी पारी में 7 विकेट लेने के बावजूद वह मैच के सबसे फिसड्डी बल्‍लेबाज साबित हुए।

इस मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच मैच शुरू होने से पहले दोनों टीमों के 22 खिलाड़ियों में सिर्फ 3 खिलाड़ी ही ऐसे थे जो बल्‍लेबाजी के दौरान एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके थे। और वे 3 खिलाड़ी थे इशांत, रवींद्र जडेजा और लियाम प्लंकेट।

लेकिन इंग्लैंड की पहली पारी में जुझारू बल्‍लेबाजी करते हुए प्लंकेट ने नाबाद 55 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद भारत की दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा ने करियर की सर्वश्रेष्‍ठ पारी खेलते हुए 68 रन बनाए थे।

पहली पारी में इशांत 12 रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे। इसके बाद वह दूसरी पारी में भी खाता खोले बगैर ही अविजित लौटे।

भुवी-इशांत के नाम एक और रिकॉर्ड

लॉर्ड्स टेस्ट मैच को भारतीय तेज गेंदबाजों के लिए भी याद रखा जाएगा। पहली पारी के दौरान भुवनेश्वर ने वर्षों पुराना बिशन सिंह बेदी का रिकॉर्ड तोड़ते हुए इंग्लैंड के 6 बल्‍लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी।

लेकिन भुवनेश्वर का यह भारतीय रिकॉर्ड ज्यादा देर तक टिका नहीं रह सका क्योंकि दूसरी पारी में इशांत शर्मा ने ताबड़तोड़ गेंदबाजी कर इंग्लैंड के 7 विकेट झटक लिए। इस तरह से लॉर्ड्स में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन का रिकॉर्ड इशांत के नाम हो गया है।

साथ ही टेस्ट क्रिकेट में इन 2 गेंदबाजों ने एक और कारनामा कर दिखाया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी टेस्ट मैच में भारत के 2 गेंदबाजों ने 6 या 6 से ज्यादा विकेट हासिल किए हैं।

12 साल बाद भारतीय ओपनरों ने थामी गेंद

28 साल के लंबे इंतजार के बाद टीम इंडिया लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर जीत हासिल करने के बेहद नजदीक थी, लेकिन पांचवें दिन के पहले सत्र में जोई रुट और मोइन अली ने संघर्षपूर्ण बल्‍लेबाजी कर भारतीय गेंदबाजों को खूब परेशान किया।

हालांकि लंच से पहले दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए हुई 101 रनों की शतकीय साझेदारी को तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने तोड़ा। लेकिन इस सफलता से पहले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इस जोड़ी को तोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किया। और जब उसके नियमित गेंदबाज कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने पार्टटाइम गेंदबाजों को गेंद थमाई।

धोनी ने मुरली विजय के अलावा शिखर धवन से भी गेंद डलवाई। हालांकि इसका फायदा धोनी को नहीं हुआ। लेकिन ऐसा 2002 के बाद हुआ है जब टीम इंडिया के दोनों ओपनरों ने एक ही पारी में गेंदबाजी की हो। आज से 12 साल पहले इंग्लैंड में ही दोनों भारतीय ओपनरों ने गेंद डाली थी लेकिन उस पर मैदान लॉर्ड्स का नहीं बल्कि लीड्स का था।

इंग्लैंड में बने 13वें नंबर के भारतीय

टीम इंडिया के सलामी बल्‍लेबाज मुरली विजय जारी सीरीज में जोरदार फॉर्म में हैं। लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में 24 रन बनाने के बाद मुरली ने दूसरी पारी में 95 रनों की पारी खेली लेकिन वह सीरीज में अपने दूसरे शतक से महज 5 रन से चूक गए।

बावजूद इसके मुरली विजय ने जारी टेस्ट सीरीज में 300 से ज्यादा रन बना लिए हैं। वह इंग्लैंड में‌ किसी टेस्ट सीरीज में 300 से ज्यादा रन बनाने वाले 13वें भारतीय बल्‍लेबाज बन गए ह‌ैं। उन्होंने इस सीरीज में कुल 317 रन बना लिए हैं।

3 भारतीय बल्‍लेबाज ऐसे भी हैं जिन्होंने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के दौरान दो-दो बार 300 से ज्यादा रन बनाए। ये 3 दिग्गज बल्‍लेबाज हैं राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली।

भुवनेश्वर कुमार का वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार गेंदबाजी में तो कमाल कर ही रहे हैं, साथ ही बल्‍लेबाजी में जमकर रन बनाने में जुटे हैं।

सीरीज के दोनों टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की पहली पारी में 5-5 विकेट झटकने वाले भुवनेश्वर ने अब तक इस सीरीज में 4 बार बल्‍लेबाजी की है, जिसमें 3 बार उन्होंने अर्धशतक जमाए हैं।

भुवी के बल्‍ले से निकले ये अर्धशतक इस मायने में खास है क्योंकि उन्होंने नौंवें या इससे निचले क्रम में आकर बल्‍लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाए। सवा सौ साल से ज्यादा के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है।

उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिघम में पहले टेस्ट में 58 और नाबाद 63 तथा लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट में 36 और 52 रन बनाए हैं। टेस्ट इतिहास में 13 खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने इस क्रम पर खेलते हुए एक सीरीज में 50 से अधिक के 2 स्कोर बनाए हैं लेकिन कोई भी 3 अर्धशतक नहीं बना पाया है। भुवनेश्वर सीरीज में 69.66 के औसत से 209 रन बना चुके हैं और दोनों टीमों में किसी भी बल्लेबाज का यह दूसरा सर्वश्रेष्ठ औसत है।
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कैप्टन कुक को आठवीं बार बनाया ‌‌शिकार

लॉर्ड्स टेस्ट के चौथी दिन इंग्लैंड की दूसरी पारी में तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने कैप्टन कुक को विकेटकीपर धोनी के हाथों कैच आउट कराकर भारत को मैच में बड़ी सफलता दिलाई थी।

इस तर‌ह से इंशात ने टेस्ट क्रिकेट में कुक को आठवीं बार अपना शिकार बनाया है। टेस्ट में कुक को सबसे ज्यादा आउट करने का रिकॉर्ड इशांत के नाम ही है और कोई भी गेंदबाज कुक को इतनी बार आउट नहीं कर सका है। साथ ही इशांत ने भी पहली बार किसी बल्‍लेबाज को 8 बार आउट किया है। इयान बेल को 6 बार आउट कर सके हैं।

और यह तब है जब पिछले 2 बार में कुक को आउट करने का मौका हासिल नहीं कर सके थे इशांत शर्मा।

इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक भारत के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में अब तक बेहद असफल रहे हैं। पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड को एक बार ही बल्‍लेबाजी करने का मौका मिला था और उस बार मोहम्मद शमी ने कुक को अपना शिकार बनाया। जबकि लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में भुवनेश्वर कुमार ने कैप्टन कुक को कैच आउट कराया था और वह भी धोनी के ही हाथों।
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