मुझे कोई बॉक्सिंग से दूर नहीं रख सकता। दोबारा से रिंग में उतरना चहता हूं। बैड से उठने को डॉक्टरों ने मना किया है, लेकिन दाद देनी पड़ेगी मुक्केबाज सचिन की जो कि बॉक्सिंग में दूसरी पारी खेलने का बेताब है।
सेक्टर-35 मॉडल स्कूल के छात्र सचिन पर कुछ छात्रों ने डंडों से सिर पर वार किया था। इससे उससे दिमाग में ब्लड का क्लाट बना गया है। डॉक्टरों ने उसे आराम करने का कहा है।
सुबह-शाम बॉक्सिंग रिंग में दूसरों को पंच से धूल चटाने वाला सचिन आज घंटों तक अपने ग्लव्स को निहारता रहता है। हर बार हाथों में पहनते हुए आंखों से आंसू निकलने लगते हैं। बेटे की ऐसी हालत देखते हुए मां कमलेश उसके ग्लव्स को दूसरे कमरे में रख देती हैं।
ग्लव्स तकिए के नीचे रखकर सोता है
सचिन का चचेरा भाई दुर्गेश नेशनल लेवल का बॉक्सर है। उसने बताया कि जब भी वह उसके सामने जाता है हमेशा अभ्यास पर साथ लेकर जाने की जिद्द करता है। दुर्गेश ने कहा कि इस अवस्था में भीसचिन में मुक्केबाजी को इस कद्र क्रेज है कि वह रात को तकिए के नीचे ग्लव्स रखकर सोता है, ताकि कोई उससे छीन न ले।
रिंग का बेहतरीन फाइटर
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स सेक्टर-42 में बॉक्सिंग कोच भगवंत ने बताया कि सचिन रिंग का बेहतरीन फाइटर है। वह काफी प्रतिभाशाली है। उसने नेशनल लेवल तक कई पदक जीतकर शहर का नाम रोशन किया है।
साथी खिलाड़ियों को है इंतजार
सचिन के साथी मुक्केबाज भी उसे अभ्यास के दौरान उसकी कमी महसूस करते हैं। इन खिलाड़ियों के उम्मीद है कि वह जल्द ही वापसी करेगा।